UPTET-2017 की समय सारिणी ऑनलाइन

लखनऊ: Assistant teacher post पर समायोजन रद होने से नाराज शिक्षामित्रों ने सरकार के खिलाफ सोमवार को राजधानी में शक्ति प्रदर्शन किया। शासन-प्रशासन की तमाम बंदिशों के बाद भी भारी संख्या में शिक्षामित्र व उनके समर्थक लक्ष्मण मेला स्थल पर पहुंच गए। यहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मांगें न माने जाने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। पीएम और सीएम और से ही हस्तक्षेप की मांग पर अड़े shikshamitra ने वार्ता करने पहुंचे एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय को भी बैरंग कर दिया। उधर देर शाम सरकार की ओर से 10 thousand rupees maandey तय करने समेत परीक्षा कराने संबंधी निर्णयों को भी नकार दिया।

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राजधानी में रविवार रात से ही shikshamitra जुटने लगे थे। सुबह तक इनकी संख्या हजारों में पहुंच गई। शिक्षामित्रों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिए। मुख्यमंत्री आवास और विधान सभा मार्ग जाने वाले रास्तों पर चरणबद्ध तरह से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। इससे शहर की यातायात पूरी तरह ध्वस्त हो गई। आंदोलन में Uttar pradesh prathmik shiksha mitra sangh समेत अन्य सभी संगठन शामिल रहे। adarsh shikshamitra Welfare Association के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने सीएम योगी व पीएम से सार्थक दिशा में वार्ता होने के बाद ही आंदोलन समाप्ति का दावा किया। उधर, प्रशासनिक अधिकारियों को भी shikshamitra की इस तादाद में आने का अनुमान न था। ऐसे में उन्हें भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

पूड़ी सब्जी तो किसी ने लक्ष्या से मिटाई भूख : एक रोज पहले से ही घर से निकले shikshamitra पूड़ी सब्जी साथ लाए थे। जिसे जहां जगह मिली, उसने वहीं बैठकर भूख मिटाई। जो खाली हाथ पहुंचा, उसने लक्ष्या चना से भूख शांत की। प्रदर्शन के चलते धरना स्थल पर मौजूद शिक्षामित्र व उनके परिजन पेयजल के लिए बेहाल दिखे। shikshamitra सुनील यादव का कहना था कि सुबह दस बजे तक सिर्फ दो टैंकर पानी ही भिजवाया गया।

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इन मांगों पर अड़े शिक्षामित्र : सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश पर सरकार तत्काल नया अध्यादेश लाकर कानून बनाए, जिससे 1.70 लाख से शिक्षामित्र सहायक अध्यापक बने रहें। नया अध्यादेश लाने तक प्रदेश में समायोजित शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर बनाए रखते हुए उन्हें वेतन भुगतान आदि की सुविधाएं यथावत रखी जाएं। प्रदेश सरकार द्वारा समय रहते सुप्रीम कोर्ट में मॉडीफाई रिकाल पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए। विकल्प के तौर पर सभी एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के समकक्ष वेतनमान पर शिक्षा सहायक पद बनाकर समायोजित किया जाए।

UPTET-2017 time table online

  • पंजीकरण शुरू होने की तारीख – 25 अगस्त (अपराह्न से)
  • ई-चालान से आवेदन शुल्क जमा करने की आरंभिक तिथि 26 अगस्त
  • ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि आठ सितंबर (शाम छह बजे तक)
  • निर्धारित माध्यम से आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 11 सितंबर
  • ऑनलाइन आवेदन पूर्ण करने की अंतिम तारीख 13 सितंबर (शाम छह बजे तक)
  • ऑनलाइन आवेदन में की गईं त्रुटियों में संशोधन के लिए आरंभिक तारीख – 15 सितंबर (अपराह्न से)
  • ऑनलाइन आवेदन में की गईं त्रुटियों में नियमानुसार संशोधन की अंतिम तारीख 19 सितंबर (शाम छह बजे तक)।

दिसंबर में जारी होगा सहायक अध्यापक पद के लिए विज्ञापन : TET के आयोजन के बाद parishad prathamik vidyalaya में assistant teacher के उपलब्ध रिक्त पदों पर चयन के लिए दिसंबर में विज्ञापन प्रकाशित कराया जाएगा। teachers की tecruitment में सभी पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका दिया जाएगा। पहली अगस्त से shikshamitra के पद पर वापस माने जाने वाले शिक्षामित्रों के पास यह विकल्प होगा कि वे अपने वर्तमान या मूल तैनाती वाले विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करें।

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ऐसे तय होगा शैक्षिक गुणांक prathmik shikshak bharti के लिए जिस शैक्षिक गुणांक के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाती है, उसमें हाईस्कूल में प्राप्त अंकों के 10, इंटरमीडिएट के अंकों के 20 और स्नातक के अंकों के 40 प्रतिशत को जोड़ा जाता है। इसके अलावा BTC training की सैद्धांतिक व प्रयोगात्मक परीक्षाएं प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण करने पर दोनों के लिए शैक्षिक गुणांक में क्रमश: 12-12, 6-6 और 3-3 अंक जोड़े जाते हैं। वर्तमान में प्रचलित इस व्यवस्था को नियमावली में प्रस्तावित संशोधन में भी यथावत रखा जाएगा। इसके अलावा शैक्षिक गुणांक में शिक्षामित्रों को प्रत्येक वर्ष के लिए 2.5 और अधिकतम 25 अंक तक भारांक देने का प्रावधान किया जाएगा।

सब आपका ही किया धरा है’ : प्रदेश भर से लखनऊ में जुटे शिक्षामित्रों के हक में पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार शाम करीब चार बजे हमदर्दी जताते हुए ट्वीट किया तो जवाब में शिक्षामित्रों और अन्य लोगों ने खूब प्रतिक्रिया दे डाली। हालांकि इसमें कई जवाब ऐसे भी थे, जो इस पूरी समस्या के लिए उन्हीं को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। ट्विटर पर ट्रोल हुए अखिलेश ने दो घंटे बाद फोटो के साथ दूसरा संदेश डाला, लेकिन शिक्षामित्रों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा।

अखिलेश ने ट्वीट में लिखा- ‘लखनऊ में लाखों शिक्षामित्र अपने परिवार के भरण-पोषण और अपने आत्मसम्मान को बचाने के लिए इकट्ठा हुए हैं, पिकनिक के लिए नहीं!’ ब्रज चौधरी ने जवाब में पिछली सरकार को इन नियुक्तियों के लिए दोषी ठहराते हुए शिक्षामित्रों से उन्हीं जिम्मेदारों से लड़ने को कहा तो रवि वर्मा ने सीधे अखिलेश से कहा कि वोटबैंक की राजनीति के लिए आपने उन्हें बिना योग्यता के नौकरी दी और आज कोर्ट ने उन्हें निरस्त कर दिया तो सरकार को कोस रहे हैं। वरन जी कहते हैं कि ये सब आपका ही किया धरा है, चौटाला की तरह आपको भी तिहाड़ जेल नंबर दो में होना चाहिए था।

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