उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए हुई समायोजन प्रक्रिया

जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 110 शिक्षक-शिक्षिकाओं के समायोजन की प्रक्रिया गुरुवार को पूरी कर ली गई। सीपीआइ परिसर में आयोजित इस काउंसिलिंग प्रक्रिया में निर्धारित संख्या में शिक्षक शिक्षिकाएं जुटे। यहां पर 117 शिक्षकों को काउंलिंग के लिए बुलाया गया था। सेंटर पर 110 ही पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट और जिला विद्यालय निरीक्षक की उपस्थिति में 110 शिक्षकों का समायोजन किया गया। समायोजन प्रक्रिया के दूसरे चरण में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। सीपीआई परिसर में आयोजित च्वाइस फिलिंग प्रक्रिया में निर्धारित संख्या में शिक्षक-शिक्षकाएं जुटें। महिला और पुरुष वर्ग में निर्धारित सीटों पर च्वाइस फिलिंग प्रक्रिया सम्पन्न कराई गई। शिक्षकों को ब्लॉक वाइस विकल्प भराया गया। अंतिम रूप से 110 को समायोजन किया गया। इन सब को दूसरे विद्यालयों में भेजने का आदेश जारी कर दिया गया। 30 से 40 किलोमीटर अंतर के विद्यालयों में भेजा गया। बुधवार को बचे हुए तीन ब्लाक करछना, जसरा और कौंधियारा में दोबारा च्वाइस फिलिंग कराई गई। अंतिम रूप में 83 शिक्षकों का समायोजन किया गया।

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विज्ञान-गणित के शिक्षकों में नाराजगी : समायोजन की प्रक्रिया में शामिल विज्ञान एवं गणित के शिक्षकों में खासी नाराजगी है। शिक्षकों का कहना है कि आरवोई और अपर मुख्य सचिव के निर्देशों को अनदेखा कर विज्ञान और गणित के शिक्षकों का समायोजन कर दिया गया है। शिक्षकों का कहना है कि गत 14 जुलाई को अपर मुख्य सचिव ने प्रदेश के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को वीडीओ कांफ्रेंसिंग के माध्यम से स्पष्ट दिशा निर्देश दिया था कि विज्ञान और गणित के शिक्षकों के सरप्लस शिक्षकों को समायोजित न किया जाए। हालत यह है कि गणित एवं विज्ञान के एकल शिक्षकों को भी समायोजित कर दिया गया है।

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हैरानी वाली बात ये भी है कि गणित और विज्ञान के शिक्षकों को ऐसे विद्यालय में भेजा गया है जहां पर पहले से ही विज्ञान गणित के शिक्षक कार्यरत हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि काउंसिलिंग की प्रक्रिया शासन के निर्देश अनुसार नियमों को ध्यान में रखते हुए की गई है।

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नहीं मिली महिलाओं व दिव्यांगों को वरीयता

शिक्षकों का आरोप है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद च्वाइस फिलिंग में दिव्यांगों एवं महिलाओं को वरीयता नहीं दी गई। नियमानुसार च्वाइस फिलिंग प्रक्रिया में पहले इनको शामिल करना चाहिए। समायोजन के बाद इस श्रेणी के शिक्षकों का स्थानांतरण मूल स्थान से काफी दूर कर दिया गया है।

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