बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक व शिक्षणोतर कर्मियों को वेतन व अवशेष भुगतान को पारदर्शी नीति लागू

इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक व शिक्षणोतर कर्मियों को वेतन व अवशेष भुगतान को पारदर्शी नीति लागू की गई है। इसमें अब अनायास दौड़ नहीं लगानी होगी। इसके लिए हर जिले में एक रजिस्टर बनाया जाएगा, जिसमें सारा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। साथ ही अवशेष भुगतान कब तक होगा इसकी जानकारी शिक्षक व शिक्षणोतर कर्मियों को रहेगी। बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह की अगुवाई में हुई बैठक में परिषदीय शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन व अवशेष भुगतान की पद्धति पर नाराजगी जताई गई है। पुरानी व्यवस्था बदलकर भुगतान की नई नीति लागू की गई है। बेसिक शिक्षा के वित्त नियंत्रक मणिशंकर पांडेय ने बताया कि प्रदेश के सभी वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालयों में एक रजिस्टर बनाया जाएगा, जिसमें वेतन बिल प्राप्त होने की तारीख, वेतन व अवशेष किस वर्ष का है, प्राप्त बिल में संलग्न प्रपत्र पूर्ण हैं या नहीं, बिल जिस स्तर से प्राप्त हुआ है वहां के अधिकारी व कर्मचारी के तारीख सहित हस्ताक्षर और वित्त व लेखाधिकारी कार्यालय उस पर भुगतान करने की तारीख भी अंकित करेगा। इन भुगतान में देयता वर्ष को वरीयता के आधार पर रखा जाएगा। विभाग को यदि कोई आपत्ति है तो उस रजिस्टर में स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा।

वित्त नियंत्रक ने बताया कि अवशेष भुगतान में निरंतरता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संबंधित पता चल सके कि उसे कब तक धन मिल जाएगा। ऐसा करने से विभाग दोहरे भुगतान से बचेगा साथ ही पारदर्शी नीति का सही से अनुपालन हो सकेगा। इसे तत्काल प्रभाव से सभी जिलों में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिना आधार नवंबर का भुगतान नहीं1बेसिक शिक्षा के वित्त नियंत्रक ने बताया कि सभी शिक्षक व शिक्षणोतर कर्मचारियों के वेतन बिल को साफ्टवेयर में आधार नंबर से लिंक करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसकी कार्यवाही तत्काल पूर्ण की जाए। वेतन बिल को आधार से लिंक न करने पर संबंधित का नवंबर 2017 का वेतन किसी भी दशा में भुगतान नहीं किया जाएगा। इस आशय की नोटिस वित्त व लेखाधिकारी कार्यालयों में चस्पा करने को कहा गया है।

Transparent policy applies to pay salary

 

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