तीन लाख नौनिहाल ‘बिन-आधार’, बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समायोजित शिक्षामित्रों के खाते की रिपार्ट तलब की

बेसिक शिक्षा विभाग में पढ़ रहे तीन लाख छात्रों का आधार कार्ड नहीं बना है। कारण शासन द्वारा चयनित संस्थाओं के साथ मिलकर विभाग के अधिकारी कैंप का आयोजन नहीं कर सके। इससे नए शिक्षा सत्र में नौनिहालों को कई लाभकारी योजनाओं से वंचित रहना पड़ सकता है। विभाग के अधिकारियों को इसकी याद ही नहीं है। निदेशक स्तर से डीएम को साप्ताहिक मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बावजूद इसके कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अफसरों की शिथिलता का आलम यह कि एक वर्ष से चल रहे आधार बनाने के कार्य में ब्लॉकवार रोस्टर तक नहीं बनाया गया है। ऐसे में बच्चों का आधार कार्ड कैसे बनेगा? इसपर किसी की नजर नहीं जा रही है। प्रशासन द्वारा ध्यान न देने की वजह मनमानी का खेल चल रहा है। बीईओ भी आराम फरमा रहे हैं।

लापरवाही पर मौन-बेसिक शिक्षा परिषद से पत्र भेजा। डीएम को मॉनीटर के लिए कहा गया लेकिन आधार बनाने को लेकर अफसरों ने गंभीरता नहीं दिखाई। पूर्व बीएसए से पूछना तक मुनासिब नहीं समझा गया। स्कूलवार शिविर बनाने की पहल नहीं शुरू हो सकी है। नामित संस्था से संपर्क तक नहीं किया।

अध्यापकों पर बनाते रहे दबाव-शासन से निर्देश आने के बाद बीएसए ने बीईओ को निर्देश देकर दायित्वों से इतिश्री कर ली। खंड शिक्षा अधिकारियों ने नामित संस्था से मिलकर शिविर लगाने के बजाए अध्यापकों पर आधार कार्ड बनवाने को लेकर दबाव बनाया, लेकिन छोटे-छोटे बच्चों का हवाला देते हुए शिक्षक दुकान पर ले जाने से कतरा रहे हैं। इससे आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया ठंड़े बस्ते में है।

शत-प्रतिशत छात्रों का बनेगा आधार कार्ड-पूर्व में आधार कार्ड बनाने को लेकर कार्रवाई नहीं की गई थी। अब कवायद शुरू हुई है। खंड शिक्षा अधिकरियों से बात करके रोस्टर बनाया गया है। संस्था से बात करके न्याय पंचायत केंद्र व आश्यकता पड़ने पर स्कूलवार शिविर का आयोजन किया जाएगा।

आठ वर्ष से अधूरे भवन में पढ़ रहे छात्र बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय ने उच्च प्राथमिक विद्यालय सेमराशेषपुर का निरीक्षण किया। यहां आठ वर्ष पूर्व स्कूल की स्थापना हुई थी। 1.80 लाख रुपये आवंटित किए गए थे लेकिन अब तक भवन को पूरा नहीं बनाया गया है। इसको लेकर बीएसए ने नाराजगी जताते हुए जिला समन्वयक निर्माण से रिपोर्ट मांगी। आवंटित धनराशि का हिसाब देने का निर्देश दिया।

प्रधानाध्यापक सईद से विद्यालय में नामांकन संख्या पूछा। शैक्षिक उन्नयन के लिए किए जा रहे कार्यों के विषय में जानकारी मांगी। शिक्षक सुनील पांडेय ने व्यवस्थाओं के विषय में बताया। शौचालय व हैंडपंप ठीक कराने का आश्वासन दिया। जिला समन्वयक विद्याभूषण मिश्र मौजूद रहे। बीएसए ने मॉडल स्कूल कर्नलगंज का हाल भी देखा। यहां 300 छात्र संख्या होने पर प्रधानाध्यापक की तारीफ कर जल्द ही शिक्षक की तैनाती का भरोसा दिया।

उन्होंने बताया कि व्यवस्था में कमी मिली है, उसे सही कराने के लिए परिषद को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।उच्च प्राथमिक विद्यालय सेमरा शेखपुर का निरीक्षण करते बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय व अन्य

बीएसए ने तलब की बैंक खाते की रिपोर्ट

गोंडा: सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद विद्यालय प्रबंध समिति समेत अन्य खाते के संचालन पर रोक लगा दी गई थी। खाता बंद होने से स्कूल में कई योजनाएं प्रभावित हैं। इसके बावजूद संबंधि विभाग के अधिकारी इस समस्या की ंओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे समस्या बनी हुई है।

अब बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समायोजित शिक्षामित्रों के खाते की रिपार्ट तलब की है, जिससे दूसरे स्कूलों के खाता संचालन पर लगी रोक को हटाया जा सके। इसके अलावा जिन विद्यालयों में शिक्षामित्र के पास चार्ज है उसे बदला जाए। बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर खाता संचालन पर रोक लगी थी। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक ने विवरण मांगा है।

इसको लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों से बंद किए जाने योग्य खाते का विवरण 10 अगस्त तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिससे अनावश्यक रूप से सभी के खाते बंद न रहें और मिड डे मील, ग्राम शिक्षा निधि खाते पर से रोक हटायी जाए।

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