वाराणसी :पीएम मोदी से मिलने पहुंचे शिक्षामित्रों को पुलिस प्रशासन ने नाटकीय ढंग से किया नजरबंद

प्रशासन की तमाम बंदिशों के बावजूद shikshamitra पीएम की जनसभा में शनिवार को पहुंच गए। पीएम के भाषण के दौरान उन्होंने हंगामा किया। शिक्षामित्रों के प्रतिनिधि मंडल को प्रशासन ने पूरे दिन डीरेका गेस्ट हाउस में नजरबंद रखा। इस दौरान 33 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अमरेंद्र दुबे, अजय सिंह, प्रतिमा दूबे, स्मिता राज व सीमा मिश्रा को शनिवार सुबह ही डीरेका ले जाकर मिलवाने के लिए बैठाये रखा लेकिन पीएम से मुलाकात नहीं कराई गई। मोदी डीरेका से शहंशाहपुर गांव कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए। शिक्षामित्र भी शहंशाहपुर के लिए निकल पड़े। पीएम ने जैसे अपना संबोधन शुरू किया तभी काले कपड़े लहराते शिक्षामित्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इन्हें पंडाल से बाहर ले जाया गया। उधर, डीरेका ले जाए गए शिक्षामित्रों के नेताओं को पीएम के रवाना होने के बावजूद प्रशासन ने शाम तक गेस्ट हाउस के एक कैमरे में कैद रखा था।

पढ़ें- शिक्षामित्रों से रिक्त हुए 137000 सहायक अध्यापकों के पदों पर तत्काल विधि / नियम के अनुसार पदों को भरने के सम्बन्ध में कोर्ट ने दिया निर्देश: देखें आर्डर कॉपी

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को पशु धन प्रक्षेत्र का लोकार्पण करने शाहंशाहपुर पहुंचे अपनी मांगों को पीएम मोदी के सामने रखने के लिए हजारों की संख्या में shikshamitra भी शाहंशाहपुर पहुंच गए। प्रशासन को मिली खुफिया रिपोर्ट के बाद भी जिला प्रशासन व पुलिस की विफलता के चलते पीएम के सभास्थल पर माहौल कुछ देर तक अशांतिमय हो गया। अंतत: पीएम मोदी की जनसभा में हंगामा करने वाले 36 शिक्षामित्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जनसभा से शिक्षामित्रों की बड़ी संख्या में गिरफ्तारी के बाद मामला और बिगड़ने का अंदेशा है। उपजिलाधिकारी के निर्देश पर पांच-पांच लाख के बांड भरवाने के बाद सभी शिक्षामित्रों को जेल भेज दिया गया। कुछ लोग पूर्वाचल राज्य मांग करते हुए मंच के सामने आ गए थे।

पढ़ें- वाराणसी: पीएम मोदी की जनसभा में शिक्षामित्रों ने मोदी वापस जाओ के नारे लगाये और काले झंडे दिखाये

प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों को लेकर पहले ही अलर्ट जारी था। शिक्षामित्र वाराणसी में पीएम की जनसभा में विवधान डाल सकते हैं फिर भी प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। उत्तर सरकार ने शिक्षा विभाग को कड़े निर्देश दिए थे कि सभी स्कूलों में शिक्षामित्रों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। शिक्षा विभाग के सख्त निर्देश थे कि 22 और 23 को सभी जिलों के स्कूलों की चेकिंग की जाये और जो शिक्षामित्र उपस्थिति न मिले उन पर कड़ी कर्यवाही की जाये। मगर बावजूद इसके हजारों की संख्या में शिक्षामित्र अपनी मांगों के समर्थन में इतने सुरक्षा इंतजाम होने बाद भी पीएम की जनसभा में पहुंचने में कामयाब हो गए। शिक्षामित्र मुख्यमंत्री व पीएम के भाषण के दौरान नारेवाजी करने लगे। सभास्थल के पीछे दूर से काले झंडे लहराने लगे।

पढ़ें- 22 और 23 सितम्बर को गैरहाजिर शिक्षामित्रों पर गिरेगी बर्खास्तगी की गाज! 

शिक्षामित्र आमजन के बीच में बैठे थे इसकी भनक मौके पर मौजूद पुलिस को नहीं लगी। सुरक्षा में लगे अधिकारी जवान कुछ समझते, शिक्षामित्र अपना काम कर गए थे। इससे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए। फिर आनन फानन में भीड़ के बीच से शिक्षामित्रों की धरपकड़ शुरू हुई। सभास्थल से 37 शिक्षामित्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया जिनको शांतिभंग की आशंका में चालान काटा गया।

शिक्षामित्रों ने बुरका और हेलमेट पहनकर जताया विरोध

कई पुरुष शिक्षामित्रों ने काले रंग के हेलमेट लहराए। कई शिक्षामित्र महिलाएं साड़ी के ऊपर बुरका पहनकर पहुंची थीं। जनसभा के दौरान बुरका उतारकर हवा में लहराते हुए अपना विरोध जताया।

शिक्षामित्र पहुंचे थे पीएम से मिलने, कर दिए गए नजरबंद

वाराणसी : shikshamitra पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने डीरेका में पहुंचे तो पुलिस प्रशासन ने बड़े ही नाटकीय अंदाज से उनको नजरबंद कर लिया। पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने सुबह छह बजे पहुंचे शिक्षामित्रों को रात साढ़े सात बजे छोड़ा गया। adarsh samayojit shikshak welfare association के पांच सदस्यों को प्रधानमंत्री से मिलाने के लिए शनिवार का पास जारी किया गया। इसमें मिलने का समय तय नहीं था। सुबह छह बजे डीरेका गेस्ट हाउस पहुंचे अमरेंद्र दुबे, प्रतिमा दुबे, सीमा मिश्र, स्मिता राय व अजय कुमार सिंह को पुलिस अधिकारियों ने कुछ देर तक उलझाए रखा। इसके बाद उन्हें प्रतीक्षा कक्ष में प्रधानमंत्री से मुलाकात का भरोसा देकर बिठा दिया गया। उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए। शिक्षामित्रों को खुद के नजरबंद होने का अहसास काफी देर बाद हुआ। प्रशासन की यह कार्रवाई शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए की गई। शिक्षामित्र पहले ही जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री के घेराव की घोषणा कर चुके थे। ऐसे में प्रशासन सतर्क था।

Varanasi: The police administration has made a dramatic detention of shikshamitra who arrived to meet PM Modi.

 shikshamitra meet PM Modi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *