टीजीटी-पीजीटी परीक्षा की योग्यता तय नहीं, कैसे होगी परीक्षा

टीजीटी-पीजीटी 2016 की परीक्षा तिथि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने घोषित कर दी है लेकिन परीक्षा होने के आसार नहीं दिख रहे। तीन मुद्दे ऐसे हैं जो टीजीटी-पीजीटी 2016 की परीक्षा में अड़चन बन सकते हैं। सबसे बड़ा मसला विषय की अर्हता को लेकर है जिसके कारण इसी साल 12 जुलाई को आठ विषयों का विज्ञापन निरस्त कर दिया गया था।

हाईस्कूल स्तर पर जीव विज्ञान, काष्ठ शिल्प, पुस्तक कला, टंकण और आशुलिपि टंकण, इंटरमीडिएट में वनस्पति विज्ञान जबकि हाईस्कूल तथा इंटर स्तर पर संगीत नाम का कोई विषय निर्धारित नहीं है। इसी आधार पर इन आठ विषयों के लिए विज्ञप्ति 341 पदों के विज्ञापन निरस्त कर दिए थे। शासन ने अगस्त में सचिव यूपी बोर्ड नीना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में अर्हता निर्धारण के लिए कमेटी बनाई थी।

लेकिन तीन महीने से अधिक का समय बीतने के बावजूद आज तक एक विषय की भी अर्हता तय नहीं हो सकी है। दूसरा मुद्दा सुप्रीम कोर्ट का आदेश है। देश की सर्वोच्च अदालत ने अपने कई आदेशों में कहा है कि कोई भी भर्ती जिन नियमों से शुरू होगी उसी से पूरी होगी। जबकि चयन बोर्ड ने भर्ती के बीच में ही आठ विषयों का विज्ञापन निरस्त कर दिया है। इस निर्णय से 69328 अभ्यर्थी भर्ती से बाहर हो गए हैं। तीसरा मुद्दा कुम्भ को लेकर है। चार फरवरी को मौनी अमावस्या का सबसे बड़ा स्नान पर्व है। जबकि प्रवक्ता भर्ती के लिए एक व दो फरवरी को परीक्षा रखी गई है। सवाल है कि कुम्भ के लिए जुटने वाली भीड़ में क्या परीक्षा कराई जा सकेगी। प्रशिक्षित स्नातक की परीक्षा 8 व 9 मार्च को होनी है।

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