टीजीटी कला चयन को लेकर रस्साकशी तेज

इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र में स्नातक शिक्षक यानी टीजीटी 2013 कला के चयन को लेकर रस्साकशी तेज है। अभ्यर्थियों का कहना है कि कुछ ऐसे दावेदारों का चयन हुआ है जो विज्ञापन से संबंधित योग्यता नहीं रखते हैं। इस पर चयन बोर्ड ने अन्य दावेदारों को बुलाकर उनकी योग्यता परखी है, लेकिन इस संबंध में अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यह जरूर है कि जिन चयनित अभ्यर्थियों पर विवाद था वह पद चयन बोर्ड ने सुरक्षित कर लिए हैं।

अशासकीय विद्यालयों में टीजीटी कला का शिक्षक बनने के लिए इंटर में प्राविधिक शिक्षा या उसके समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। चयन बोर्ड ने टीजीटी कला 2013 का अंतिम परिणाम मार्च माह में जारी किया। इसमें सुनील कुमार, मनीष कुमार प्रजापति, अमित कुमार वंसवार, अमित वर्मा का सामान्य वर्ग में और अशोक कुमार व वीरेश कुमार का अनुसूचित जाति वर्ग में चयन हुआ। अन्य अभ्यर्थियों का आरोप है कि इनके पास विज्ञापन में दी गई योग्यता नहीं है। यह प्रकरण हाईकोर्ट तक पहुंचा और इसी बीच माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड प्रतियोगी मोर्चा के विक्की खान ने सचिव रूबी सिंह से मिलकर इसका विरोध किया। सचिव ने इस मामले की जांच करके और नया चयन करने के प्रति आश्वस्त किया।

बताते हैं कि चयन बोर्ड की परिणाम समिति ने दूसरे अभ्यर्थियों को बुलाकर उनकी योग्यता परखी और जिनके पास समकक्ष की योग्यता है उनका लगभग चयन भी कर लिया है, लेकिन अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यह प्रकरण चयन बोर्ड अध्यक्ष के पास जाएगा और उनके निर्णय के बाद आगे की कार्यवाही होगी। यह जरूर है कि जिन अभ्यर्थियों के चयन पर विवाद है वह पद बोर्ड ने सुरक्षित कर लिये हैं। उसके बाद ही पैनल भेजा जाएगा। उधर, खान ने कहा कि इस मामले में वह आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।

परिणाम के लिए जनहित याचिका : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में टीजीटी 2013 के छह विषयों का परिणाम एकाएक रोके जाने से खफा कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। उनका कहना है कि रिजल्ट तैयार है उसे जारी कराया जाए। इस पर कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। उसके बाद ही चयन बोर्ड की तस्वीर साफ होगी।

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