विषय के विवाद में टीजीटी व पीजीटी 2016 की भर्ती अटकी

सूबे के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) व प्रवक्ता (पीजीटी) 2016 की भर्ती विषय के विवाद में लटकती नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने 12 जुलाई को आठ विषयों की भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया था।.

बोर्ड का तर्क है कि यह विषय हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के पाठ्यक्रम में शामिल ही नहीं हैं। बोर्ड ने इन विषयों के अभ्यर्थियों को किसी दूसरे विषय में आवेदन का मौका देने की बात कही गई थी लेकिन तकरीबन एक माह बीतने के बावजूद ऑनलाइन आवेदन शुरू नहीं हो सके हैं। इसके पीछे की वजह विषयों का निर्धारण न होना बताया जा रहा है। .

सूत्रों के अनुसार शासन स्तर पर सचिव यूपी बोर्ड नीना श्रीवास्तव, अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक मंजु शर्मा और संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक इलाहाबाद मंडल माया निरंजन की तीन सदस्यीय समिति बनाने की चर्चा है। लेकिन अब तक इस कमेटी के गठन का शासनादेश जारी नहीं हो सका है। इससे न तो विषय का निर्धारण हो पा रहा है न ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हो पा रही है। .

निरस्त किए गए प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) जीव विज्ञान के 304, संगीत 22, काष्ठ शिल्प दो, पुस्तक कला 8, टंकण व आशुलिपि टंकण एक-एक,प्रवक्ता (पीजीटी) वनस्पति विज्ञान दो व संगीत के एक पद के लिए 69328 अभ्यर्थियों ने फार्म भरा था।.

इलाहाबाद। प्रशिक्षित स्नातक के 7950 और प्रवक्ता के 1344 पदों पर भर्ती के लिए 10 लाख से अधिक अभ्यर्थी दो साल से इंतजार कर रहे हैं। 31 जुलाई 2016 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। टीजीटी के लिए 655304 और पीजीटी के लिए 416078 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। .

इलाहाबाद। प्रशिक्षित स्नातक के 7950 और प्रवक्ता के 1344 पदों पर भर्ती के लिए 10 लाख से अधिक अभ्यर्थी दो साल से इंतजार कर रहे हैं। 31 जुलाई 2016 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। टीजीटी के लिए 655304 और पीजीटी के लिए 416078 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। .News Source – livehindustan.com

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