अब सीसीटीवी-बायोमेटिक से रखेंगे शिक्षकों पर नजर बालिका विद्यालयों में 20 मई तक सिस्टम न लगाने पर होगी सख्ती

माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की दयनीय दशा सुधारने को शासन पठन-पाठन सुधारने पर जोर दे रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। इसके मद्देनजर शिक्षकों पर नकेल लगाने की तैयारी चल रही है। शिक्षक विद्यालय में समय पर आए-जाएं और बच्चों को अच्छी तरह से पढ़ाएं उसके लिए बालिका विद्यालयों में सीसीटीवी व बायोमैटिक लगाने का निर्देश दिया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय आरएन विश्वकर्मा ने जिले के सभी बालिका विद्यालयों में 20 मई तक सीसीटीवी कैमरे व बायोमेटिक सिस्टम लगाने का निर्देश दिया है।

माध्यमिक विद्यालयों में सीसीटीवी और बायोमेटिक लगाने का शासनादेश काफी पुराना है। परंतु शिक्षक नेताओं के दबाव में उसे ठीक से लागू नहीं किया जा सका। इसके चलते पढ़ाई की दशा निरंतर खराब होती गई। अब सूबे की सत्ता में योगी सरकार के काबिज होते ही उस पर कड़ाई से अमल किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 11 राजकीय और 27 सहायता प्राप्त माध्यमिक बालिका विद्यालय हैं। हर विद्यालय में चार सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया। इसके जरिए विद्यालय की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। जबकि शिक्षकों के आने-जाने का सही पता लगाने के लिए बायोमैटिक से हाजिरी लगवाई जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय का कहना है कि जिनके पास सीसीटीवी व बायोमैटिक लगाने का बजट नहीं है वो स्काउटिंग, क्रीड़ा, प्रैक्टिकल जैसे मदों में जमा पैसों का प्रयोग इसमें कर सकते हैं। लेकिन सीसीटीवी व बायोमैटिक लगाना सभी के लिए अनिवार्य है। नियम की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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