तो नहीं पड़ेगी शिक्षकों के समायोजन की जरूरत

Aadarsh Teacher Welfare Association ने गुरुवार को केंद्रीय कार्यालय में प्रादेशिक बैठक की। कहा गया कि यदि गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय बंद करा दिए जाएं तो shikshakon ke samayojan की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। क्योंकि इससे छात्र संख्या अपेक्षा से अधिक हो जाएगी और नई भर्ती करनी होगी। Basic Shiksha Parishad सचिव से अपील किया कि सितंबर 2016 की छात्र संख्या को मानक मानकर सत्र 2017-18 के समायोजन का आधार तय करें।

बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डा. रुद्र प्रभाकर मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि parishadiya vidyalaya में छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए हमेशा सितंबर महीने की छात्र संख्या को मानक के रूप में आधार माना जाता रहा है। तो 2017-18 में Teachers के पद सृजन और समायोजन के लिए अप्रैल 2017 की छात्र संख्या को मानक मानकर उसे आधार छात्र संख्या के रूप में किस नियम से किया जा रहा है।

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कहा गया कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार अवैध रूप से संचालित गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को 15 जुलाई तक बंद करा दे तो shikshak samayojan की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के बंद होने पर वहां के बच्चे parishadiya schools / GIC / GGIC / सहायता प्राप्त स्कूलों में ही आएंगे। बल्कि छात्रों की संख्या बढ़ जाने पर शिक्षकों की new recruitment भी करनी होगी।

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इससे लाखों B.ed, BTC and TET pass योग्यताधारी युवाओं को रोजगार मिलेगा। बैठक में इस मुद्दे के अलावा कहा गया कि शिक्षकों को कैशलेस इलाज, दो बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 50-50 लाख रुपये अनुदान या चार फीसद ब्याज पर ऋण दिया जाए। बैठक में भारत भूषण तिवारी, बैद्यनाथ मिश्र, कमलेश त्रिपाठी, नीरज मिश्र, नागेंद्र नाथ, डा. मुनीश मिश्र, डा. गीता रंजन, डा. नीलम ओझा सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे। संचालन भूपेंद्र प्रताप सिंह ने किया।

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Teachers will not need to samayojan

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