बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने बिना आदेश के प्रदेश भर में लाखों के विज्ञापन जारी किए

इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने बिना आदेश के ही लाखों रुपये के विज्ञापन जारी किए हैं। Teacher Recruitment के लिए एक जिले ने विज्ञापन निकाला तो अधिकांश बीएसए ने आदेश की परवाह किए बगैर ताबड़तोड़ विज्ञापन जारी किए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारियों के इस कदम से Basic Shiksha Parishad Headquarter में हड़कंप रहा और सभी को कड़ा पत्र जारी करके जवाब-तलब किया गया है। कहा गया है कि क्यों न इस कार्य में उनका उत्तरदायित्व तय कर दिया जाए। Basic Shiksha Parishad के प्राथमिक स्कूलों में 2013 में हुई Ten thousand teachers recruitment में D.Ed training candidates को मौका न मिलने पर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल हुई थी। बीते तीन नवंबर को हाईकोर्ट ने परिषदीय स्कूलों की Teacher recruitment पर लगी रोक हटा ली। इसके बाद परिषद ने अवमानना याचिका हर्ष कुमार व अन्य बनाम राजप्रताप सिंह व अन्य पर संबंधित अभ्यर्थियों को मौका देने का आदेश जारी कर दिया। हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, झांसी, संभल व बागपत को छोड़कर सभी जिलों में इसके लिए काउंसिलिंग कराने के निर्देश हुए। परिषद मुख्यालय की ओर से उक्त जिलों को छोड़कर अन्य जिलों के लिए एक विज्ञापन भी निकाला गया, ताकि उसी के अनुरूप नियुक्तियां हो सकें। साथ ही सभी BSA को निर्देश अलग से भेजे गए। इसमें विज्ञापन जारी कराने का निर्देश नहीं दिया गया। इसके बाद भी प्रदेश के अधिकांश बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने मनमाने तरीके से प्रदेश भर में विज्ञापन जारी कराए।

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असल में इसके पहले की भर्तियों में Basic Shiksha Adhikari हर जिले में तय पदों के सापेक्ष विज्ञापन जारी करते रहे हैं, जबकि यह प्रकरण बिल्कुल अलग था, फिर भी पुरानी परंपरा जिले के अफसरों ने अपने मन से दोहराई। परिषद मुख्यालय ने पाया कि इन विज्ञापनों से प्रदेश भर में भ्रम की स्थिति बनी साथ ही बड़े पैमाने पर सरकारी धन का दुरुपयोग भी हुआ है। परिषद सचिव संजय सिन्हा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है। इसमें पूछा गया है कि आपके जिले में विज्ञापन क्यों प्रकाशित कराया गया, क्यों न इसका दायित्व उन पर ही तय कर दिया जाए। इससे बीएसए पशोपेश में हैं आखिर इसका जवाब क्या भेजे।

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नियुक्तियां फंसने के आसार :

D.Ed training candidates को 10 thousand teachers recruitment में शामिल करने के लिए 10 से 13 नवंबर तक काउंसिलिंग कराने का निर्देश हुआ था। इसके लिए परिषद मुख्यालय ने अर्ह अभ्यर्थियों की सूची भी सभी जिलों में भेजी थी। बीएसए की जल्दबाजी से यह भर्ती फंसने की उम्मीद बढ़ गई है।’परिषद मुख्यालय ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों से किया जवाब-तलब 1’10 हजार अध्यापकों की भर्ती में डीएड को शामिल करने का मामलाबेसिक शिक्षा अधिकारियों से हो सकती है रिकवरी1परिषद मुख्यालय शासन के निर्देश पर इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर सकता है और विज्ञापन निकालने वाले बेसिक शिक्षा अधिकारियों से संबंधित धन की रिकवरी का आदेश होने के आसार हैं। परिषद अब बीएसए के जवाब का इंतजार कर रहा है इसके बाद यह प्रकरण शासन को भेजा जाएगा और वहां से निर्देश मिलने पर अगली कार्रवाई होगी।

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बेसिक शिक्षा अधिकारियों से हो सकती है रिकवरी

परिषद मुख्यालय शासन के निर्देश पर इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर सकता है और विज्ञापन निकालने वाले बेसिक शिक्षा अधिकारियों से संबंधित धन की रिकवरी का आदेश होने के आसार हैं। परिषद अब बीएसए के जवाब का इंतजार कर रहा है इसके बाद यह प्रकरण शासन को भेजा जाएगा और वहां से निर्देश मिलने पर अगली कार्रवाई होगी।

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