दो बड़े अखबारों में हो शिक्षक भर्ती का विज्ञापन, वित्तविहीन शिक्षकों की बनाएं सेवा नियमावली

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को निर्देश दिया है कि सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों व जिला विद्यालय निरीक्षकों को सकरुलर जारी कर अध्यापक व स्टाफ भर्ती विज्ञापन व्यापक प्रसार वाले दो अखबारों में देना सुनिश्चित कराएं। इसमें एक अखबार प्रदेश और दूसरा जिले स्तर पर व्यापक प्रसार वाला होना चाहिए।

यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने प्रदीप कुमार व अन्य की याचिका पर दिया है। याची अधिवक्ता डा. एच एन त्रिपाठी का कहना था कि कुंवर दयाशंकर ई एम इंटर कालेज बरेली में दो स्थायी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के कारण चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के पद विज्ञापित किए गए। प्रधानाचार्य ने जिला विद्यालय निरीक्षक से दो फरवरी 2009 को अनुमति लेकर पद विज्ञापित किया।

विज्ञापन का प्रकाशन कम प्रसार वाले दो स्थानीय अखबारों में कराया गया। 26 लोगों ने आवेदन किया जबकि 40 नाम रोजगार कार्यालय बरेली से प्राप्त हुए। इसके लिए चयन कमेटी गठित की गई। कमेटी ने 60 आवेदनों पर विचार करते हुए राम बहादुर और रामलाल का चयन किया। कमेटी ने संस्तुति जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी जिसे उन्होंने क्षेत्रीय कमेटी को अग्रसारित कर दिया।

क्षेत्रीय कमेटी के अनुमोदन को कोर्ट में चुनौती दी गई। कहा गया कि व्यापक प्रसार वाले अखबारों में विज्ञापन का प्रकाशन न होने के कारण पूरी चयन प्रक्रिया अवैधानिक है। इस पर कोर्ट ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों को सकरुलर जारी करने का आदेश दिया, तथा क्षेत्रीय कमेटी के द्वारा नियुक्ति के अनुमोदन आदेश को रद करते हुए पुनर्विचार का निर्देश दिया।

वित्तविहीन शिक्षकों की बनाएं सेवा नियमावली

गोंडा: माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने प्रांतीय नेतृत्व के आवाह्न पर बुधवार को डीआइओएस कार्यालय पर धरना दे प्रदर्शन किया। कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार सहित अन्य समस्याओं के निस्तारण की मांग की। विभागीय अधिकारियों को कार्य में लापरवाही करने का आरोप लगाया। मांग न पूरी होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

मंडल अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह ने कहा कि तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं, इससे उनका शोषण हो रहा है। अधिकारियों के पास शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाता है। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर हुंकार भरी। आरोप लगाया कि सरकार उनके साथ के अन्याय कर रही है। सेवानिवृत्त होने के बाद अध्यापकों को समस्या का सामना करना पड़ेगा। जिलाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे अध्यापकों की भी सेवा नियमावली बनाई जाए, जो विभाग के पास रहे।

उसी आधार पर शासन स्तर से मानदेय दिया जाए, जिससे प्रबंधक मनमानी न कर सकें। बार-बार अध्यापकों को रखा या निकाला न जा सके। उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों द्वारा वेतन की मांग किए जाने पर उन्हें का बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। जिलामंत्री अखंड प्रताप सिंह ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्याकंन के बकाया पारिश्रमिक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से परीक्षकों को पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया है। वह कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।

परेशान किया जा रहा है। कार्यालय के लिपिकों की गलती होने के बाद भी खामियाजा परीक्षक भुगत रहे हैं। उन्होंने मांगें नहीं पूरी होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। प्रभाकर सिंह, आरडीआर पांडेय, मुनींद्र पांडेय, दिनेश मिश्र, टीएस दुबे सहित अन्य मौजूद रहे।

गोंडा के डीआइओएस कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी परीक्षकों का बकाया पारिश्रमिक न देने पर जताया आक्रोश, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी

ये हैं मांगें

  • ’तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए। ’वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली बनाई जाए।
  • शिक्षकों को सम्मान जनक मानदेय दिया जाए। ’उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों का पारिश्रमिक भुगतान किया जाए।

About primarykateacher

Hi guys, welcome to my blog Primary ka Teacher. I am writing this blog for you and share latest useful News for BTC, B.ed, B.P.Ed Students, Shiksha Mitra and TGT,PGT exam. Here, you can also learn about Computer Education, General Knowledge, Technology and you can find CTET question series which will help you in your examination. You can subscribe this blog newsletter and get information latest updates in your inbox.

If you want to know more then click here.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *