राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई प्रभावित

राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी चल रही है जिसकी वजह से विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यालयों में आधा शैक्षिक सत्र ख़त्म हो गया है, अर्धवार्षिक परीक्षा होने को है लेकिन छात्रों को पढ़ाने के शिक्षक नहीं है। हालांकि, शासन के निर्देश पर प्राथमिक व सेवानिवृत्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन वह भर्ती प्रक्रिया भी अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। अगर शासन का यही रुख रहा तो विद्यालयों का शैक्षिक सत्र इस वर्ष शिक्षकों के आभाव में बीत जायेगा

ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधरने के लिए शासन ने ब्लाकों स्तर पर उच्चीकृत कर हाईस्कूल की स्थापना की, लेकिन शासन उन विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती अभी तक नहीं कर पाया है। राजकीय इंटर कालेज में पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों को ही इन विद्यालयों में नियुक्ति किया गया है, वो भी मनमाने ढंग से। किसी कॉलेज में शिक्षकों अनुपात से जयादा है तो किसी कॉलेज में छात्रों को पढ़ाने वाला कोई नहीं है। जो शिक्षक विद्यालयों नियुक्त है उनमें अधिकतर शिक्षक रोजाना विद्यालय नहीं पहुंचते। अधिकतर विद्यालयों में एक ही अध्यापक प्रधानाचार्य, शिक्षक और लिपिक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

खजनी, बेलघाट, सहजनवां, गोला और पिपरौली के विद्यालयों में एक-एक शिक्षकों की तैनाती है। बड़हलगंज, पिपराइच, सिहापार और नवापार में स्थित राजकीय हाईस्कूलों विद्यालयों में दो-दो शिक्षक तैनात हैं। शिक्षकों की कमी के चलते इन स्कूलों में छात्रों की संख्या भी कम है। यही नहीं विद्यालयों के पास अपने भवन भी नहीं हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद से जिले में संचालित 20 राजकीय कालेजों में 5 इण्टरमीडिएट कालेज और 15 राजकीय हाईस्कूल हैं।

प्रत्येक विद्यालय में चाहिए छह शिक्षक: अगर हाई स्कूल में छह विषय पढ़ाए जाते हैं तो नियमानुसार 6 शिक्षक होने चाहिए, मतलब प्रत्येक विषय का एक एक शिक्षक होना अनिवार्य है। नियमानुसार प्रत्येक राजकीय हाईस्कूलों में कम से कम छह शिक्षक की तैनाती होनी चाहिए। इसके अलावा तीन क्लर्क और दो चतुर्थ श्रेणी की भी आवश्यकता होती है

राजकीय हाईस्कूलों की स्थिति:

  • हाईस्कूल हरीहरपुर खजनी में एक शिक्षक पर 27 छात्र
  • बैरियाखास बड़हलगंज में दो शिक्षक पर 23 छात्र
  • बारीगांव बेलघाट में एक शिक्षक पर 29 छात्र
  • गंगटही सहजनवां में एक शिक्षक पर 30 छात्र
  • गोविन्दपुर पिपराइच में दो शिक्षक पर 43 छात्र
  • लखुआपाकड़ बेलघाट में तीन शिक्षक पर 35 छात्र
  • गोपालपुर गोला में एक शिक्षक पर 35 छात्र
  • पिपरौली में एक शिक्षक पर 30 शिक्षक
  • सिहापार सहजनवां में दो शिक्षक पर 30 शिक्षक
  • पतरा भटहट में तीन शिक्षक पर 32 छात्र
  • बेलीपार कौड़ीराम में चार शिक्षक पर 38 शिक्षक
  • बड़ी रतवहीयां में पांच शिक्षक पर 40 छात्र
  • नवापार में दो शिक्षक पर 48 छात्र
  • रजहीं चरगांवा में सात शिक्षक पर 65 छात्र
  • गहिरा में चार शिक्षक पर 70 छात्र

किसी किसी विद्यालय में शिक्षकों की फौज तो कहीं पढ़ने वाले नहीं, मनमाने ढंग से हुई तैनाती, तैनात किए गए हैं पदोन्नति प्राप्त शिक्षक, वह भी नहीं पहुंचते हैं स्कूलशिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। अध्यापकों की कमी को पूरा किया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि पढ़ाई प्रभावित न हो। – ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया, डीआइओएस Reference- Dainik Jagran

राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई प्रभावित

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