प्रदेश भर के उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित विषय के सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया फिर शुरू करने की मांग तेज

प्रदेश भर के उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित विषय के सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया फिर शुरू करने की मांग तेज हो गई है। अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय में बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शनिवार को भी धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि पूर्व की काउंसिलिंग में सम्मिलित अभ्यर्थियों से खाली पदों को भरने के लिए 17 मार्च को आदेश जारी हुए थे, लेकिन 23 मार्च को भर्तियों पर रोक लगा दी गई। उसे अब बहाल किया जाए। अभ्यर्थी यहां कई दिनों से धरना दे रहे हैं उनका कहना है कि अनसुनी होने पर वह आमरण अनशन करेंगे। यहां दिलीप राठौर, राहुल मिश्र, दीपक, राजेंद्र प्रसाद, कुलदीप, दुर्गेश कुमार सिंह और सुभाष चंद्र शामिल थे।

अभ्यर्थियों की मांगी सूचना : राब्यू, इलाहाबाद : बीटीसी 2013 प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर के अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डा. सुत्ता सिंह ने बताया कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उप्र लखनऊ निदेशक के निर्देश पर सभी जिलों के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डायट प्राचार्यो से रिपोर्ट मांगी गई है कि वह अपने यहां अभ्यर्थियों की सूचना तीन जून तक भेजे। इस संबंध में सभी जिलों को प्रोफार्मा भी भेजा गया है।

रिपोर्ट लागू करने की मांग : उच्च न्यायालय कर्मचारी अधिकारी संघ के पूर्व कनिष्ठ उपाध्यक्ष शेख मोहम्मद अतहर ने मुख्य न्यायाधीश से मांग की है कि न्यायमूर्ति बीएम लाल कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग की है। साथ ही संयुक्त निबंधक पद पर वरिष्ठता के आधार पर प्रोन्नति, समीक्षा अधिकारी के पद पर प्रोन्नति, न्यायपीठ सचिवों की कई माह से लंबित प्रोन्नति और न्यायिक विभाग में कार्यरत कर्मचारियों का मान तय करने की मांग की है। बैठक में प्रभात कुमार, संत लाल शर्मा, ब्रजेश यादव आदि थे।

नो एडवर्स आर्डर पारित न करने का अनुरोध: हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र सौंपकर अनुरोध किया है कि ग्रीष्म अवकाश में बिना स्वीकृति सूचीबद्ध मुकदमों में नो एडवर्स आर्डर पारित न करने का अनुरोध किया था। इस संबंध में सभी न्यायमूर्ति गण को सूचना दे दी गई है। यही नहीं यदि किसी अधिवक्ता का मुकदमा बिना सहमति के सूचीबद्ध हो गया है तो वह रजिस्ट्रार लिस्टिंग से मिलकर मुकदमा हटवा सकते हैं।.

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