प्रदेश के 94 हजार शिक्षा प्रेरको की संविदा के नवीनीकरण पर लगी रोक

केंद्र सरकरार द्वारा प्रदेश में चलाये जा रहे साक्षर भारत मिशन पर रोक लगा दी गई हैै। केंद्र सरकार ने इस योजना का
का विस्तार 30 सितंबर 2017 तक किया था केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के लिए अभी तक कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया है इस कारण से राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण ने इस योजना पर अगला आदेश आने तक संचालन न करने का निर्णय लिया है। राज्य में साक्षरता मिशन को गति दे रहे प्रेरकों और समन्वयकों के नवीनीकरण पर भी रोक लगा दी गई है। इस रोक के चलते प्रदेश में 94 हजार से अधिक प्रेरकों का रोजगार चला जायेगा। जिससे प्रेरकों और समन्वयकों में काफी रोष व्यप्त है। इस निर्णय को वो गलत मन रहे हैे। कह रहे है कि हमारे पास जो रोजगार है उसको भी छीन लिया जा रहा हैैे, नए रोजगार देने को बात तो छोर ही दो। और उनका यह भी कहना है की इस से साक्षरता मिशन पर बुरा असर पड़ेगा।

साक्षर भारत मिशन-

2009 की मौजूदा सरकार ने इस मिशन को सुरु किया था। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष की उम्र से अधिक निरक्षर लोगों को साक्षर करना था। इस मिशन को पहले 2012 तक चलने जाने का प्रस्ताव था। 2009 की मौजूदा सरकार ने इस योजन को 12वीं पंचवर्षीय योजना का मुख्य हिस्सा बना दिया गया। यह योजन उत्तर प्रदेश के 70 जिलों के 756 विकास खंडों में चल रही है। इस योजन का अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो प्रेरक के अलावा ब्लॉक और जिला स्तर पर भी समन्वयक रखे गए हैं। प्रेरक को मानदेय के रुप में 2000 और समन्वयक को 6 हजार रुपये दिए है। इस योजना द्वारा साक्षर बनाए गए लोगों के लिए वर्ष में दो बार परीक्षा का आयोजन भी किया जाता है।

सचिवों को निर्देश जारी किया है कि केंद्र सरकार की ओर इस योजना के संचालन के बारे में 30 सितंबर के बाद से कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है कि इस योजना को चलाया जाये या फिर बंद कर दिया जाये। इसलिए राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सचिव अवध नरेश शर्मा ने निर्देश जारी 30 सितंबर के बाद जिला समन्वयक, ब्लॉक समन्वयक और प्रेरकों की संविदा का नवीनीकरण न किया जाए। इस योजना के बारे में असमंजस की स्थिति बानी हुई हैं कि यह योजना चलेगी भी यह नहीं। फिलहाल 30 सितंबर के बाद से इस योजना का नवीनीकरण और संचालन नहीं होगा।

इस न्यूज़ को सुनकर प्रेरक और समन्वयक दोनों ही हैरान है और उनका है कि सरकार एक तरफ तो लोगो को साक्षर बना चाहती है दूसरी तरफ ऐसी योजनाओं की बंद करने पर लगी है उनका कहना यह भी कि इस तरह से देश में लोगो को साक्षर कैसे बनाया जा सकता है। देखते है इस योजन के लिए केंद सरकार क्या करती है

 

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