स्मार्टफोन से शिक्षकों-बच्चों की लगेगी हाजिरी

समग्र शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड के समक्ष राज्य सरकार की ओर से पेश की गई वित्तीय वर्ष 2018-19 की कार्ययोजना को मंजूरी मिली तो सूबे के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों और बच्चों की हाजिरी स्मार्टफोन के जरिये लगेगी। शिक्षकों की तनख्वाह उनकी उपस्थिति से लिंक की जाएगी। बच्चों के शैक्षिक प्रदर्शन के आधार पर ही शिक्षकों को प्रमोशन में वरीयता दी जाएगी। परिषदीय स्कूलों में कक्षा के अनुरूप बच्चों के सीखने-समझने के स्तर (लर्निंग आउटकम) को बढ़ाना बेसिक शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती रही है।

लर्निंग आउटकम के लिए शिक्षकों को जवाबदेह बनाने के लिए विभाग ने नियमावली में संशोधन तो कर दिया लेकिन, मानवीय देखरेख में इसे अमली जामा पहनाने की दुश्वारी को देखते हुए विभाग ने इसके लिए तकनीक का सहारा लेने की योजना बनायी है। कार्ययोजना के तहत प्रत्येक स्कूल को स्मार्टफोन दिया जाएगा जिसमें शिक्षक अंगूठा लगाकर बायोमीटिक तकनीक से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। उपस्थिति दर्ज कराने के लिए विभाग ने मोबाइल एप तैयार कराया है। शिक्षक घर बैठे या अन्यत्र रहते हुए इस पर अपनी उपस्थिति नहीं दर्ज करा सकेंगे क्योंकि स्कूल के जीपीएस कोआर्डिनेट मैच करने पर ही शिक्षक की उपस्थिति विभाग के सेंट्रल सर्वर पर लॉक होगी।

हाजिरी लगाने के बाद शिक्षक घर न चले जाएं, यह सुनिश्चित करने के लिए स्कूल में पढ़ाई की अवधि के दौरान कभी भी अचानक किसी कक्षा में शिक्षक को पढ़ाते हुए उसकी फोटो अपलोड करने का मैसेज आएगा। यह फोटो अपलोड करके भेजनी होगी। शिक्षकों को स्मार्टफोन पर बच्चों की हाजिरी भी दर्ज करनी होगी। भोजनावकाश के दौरान मिड-डे मील खाते हुए स्कूल के सभी बच्चों की शिक्षकों के साथ खींची गई ग्रुप फोटो भी स्मार्टफोन के जरिये भेजनी होगी ताकि मध्याह्न भोजन योजना में होने वाले घपलों को रोका जा सके। बेसिक शिक्षा परिषद साल में दो बार बच्चों की परीक्षा कराएगा।

अर्धवार्षिक इम्तिहान सितंबर-अक्टूबर में और वार्षिक परीक्षा फरवरी में। बच्चों को कक्षावार विभिन्न विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को संबंधित बच्चों से टैग किया जाएगा। विषय विशेष में छात्रों को मिले अंकों के वेटेड औसत के आधार पर शिक्षकों को प्रमोशन में वरीयता दी जाएगी। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा राज प्रताप सिंह ने बताया कि हमने इस कार्ययोजना को बीती 14 जून को नई दिल्ली में हुई समग्र शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में प्रस्तुत किया है।smartphone-se-attendance-lagegi

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