शिक्षामित्रों की निगाहे शासन के निर्देश पर

शिक्षमित्रों की तैनाती विकल्प लेकर देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने शासन से राय मांगी। वही आंदोलन के दौरान कटे गए मानदेय के भुगतान पर भी शासन ने निर्देश का इंतज़ार है। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों को 25 जुलाई, 2017 में सहायक अध्यापक के पद से हटाने का आदेश दिया था। प्रदेश सरकार ने इन्हे एक अगस्त से शिक्षामित्र के पद पर वापस कर दिया था। उस समय शिक्षामित्रों के आंदोलन किया था। अधिकतर जिलों में 25 से 31 जुलाई का वेतन उन्हें नहीं दिया गया। कही 10 दिन का तो कही 15 दिन का वेतन नहीं दिया गया।

लिहाज़ा इस पर शासन की राय मांगी गई। वही जब शिक्षामित्रों की नियुक्ति हुई थी तो उनके ही ब्लॉक में तैनाती कर दी गई थी। जब इन्हे सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया गया तो उनको कॉउंसलिंग के बाद अन्य स्कूलों में तैनाती दे दी गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जब इन्हे सहायक अध्यापक के पद से हटाया गया तो आश्वासन दिया गया था कि उनके ब्लॉक या स्कूलों का विकल्प लेकर तैनाती दी जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विभाग इस पर भी शासन के निर्देश की प्रतीक्षा कर रहा है। इसके अलावा सातवें वेतन मान के बकाए का एरियर भी शिक्षामित्रों को अभी तक नहीं मिला है।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आश्वासन दिया है की शिक्षामित्रों की समस्या का समाधान जल्द ही होगा। अपने घर से दूर तैनात शिक्षामित्र इतने कम मानदेय में गुजरा करने में अक्षम है। अंत: विकल्प लेकर नई तैनाती दी जाए- जीतेन्द्र शाही- प्रदेश अध्यक्ष, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.