शिक्षामित्रों का विरोध चौथे दिन भी जारी रहा, मंत्री ने दी रिकवरी की धमकी

सरकार के शासनादेश कि शिक्षामित्रों को उनके मूलपद पर वापस भेजने और दस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के खिलाफ शिक्षा मित्रों का विरोध प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। सभी Primary schools के शिक्षामित्रों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक कार्य का बहिष्कार किया। शिक्षामित्रों का कहना है कि सरकार को पुरे वेतन के साथ हमको Assistant teacher post तैनात करना चाहिए। sanyukt shiksha mitra sangharsh samiti के प्रांतीय आह्वान पर चल रहे आंदोलन के चौथे दिन शिक्षामित्रों ने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य का सांकेतिक बहिष्कार किया। प्रदेश के सभी शिक्षा मित्रों ने सरकार की वादाखिलाफी एक स्वर में निंदा की। शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अश्वनी त्रिपाठी का कहना है, प्रदेश और केंद्र सरकार को उत्तर प्रदेश के सभी शिक्षामित्रों के भविस्य के बारे में सोच कर उनके हिट में फैसला लेना होगा। त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से साथ 23 अगस्त हुए शिष्ट मंडल वार्ता का संदर्भ देते हुए कहा था कि शिक्षामित्रों के पुरे मामले के निस्तारण के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। परन्तु जो शिक्षामित्र चालीस हजार पता था उसको मात्र दस हजार का मानदेय देने की घोषणा हुई। यह प्रदेश भर के शिक्षामित्रों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार माननीय सर्वोच्च न्यायालय की बात करती है तो अनुपालन करें। प्रदेश में दोहरी नीति नही चलने दी जाएगी।

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उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल कहना है कि

Uttar Pradesh’s Minister of State for Basic Education Anupma Jaiswal कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के वाद शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन करना Supreme court की अवमानना है। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल ने शिक्षामित्रों से आग्रह किया कि वो अपने अपने स्कूल जाये और पठन पठान कार्य करें। और वो बोली कि शिक्षामित्रों का वेतन सरकार ने 3500 से बढ़ाकर 10000 रुपया कर दिया है उसके बाद भी shiksha mitra school में पढ़ाने को राजी नहीं हो रहे है। PWD Guest House में पत्रकार वार्ता के दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री ने प्राइमरी स्कूलों कि जर्जर हालते के संबंध में पूछे गए सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा कि अब हालत में सुधार हो रहा है। उन्होंने प्रदेश में शिक्षा के स्तर में लगातार सुधार होने का भी दावा किया है।

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मंत्री ने दी रिकवरी की धमकी

शिक्षामित्रों का प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल मिल कर अपनी समस्यों को बता रहरे तो मंत्री ने उनको रिकवरी की धमकी दे डाली। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य खेम सिंह चौधरी, दुष्यंत सारस्वत, गिरधारी लाल शर्मा, शशि शर्मा, पुष्पा तिवारी ने बताया कि मंत्री ने उन्हें रिकवरी की धमकी देते हुए कहा है कि हमने साढ़े तीन हजार से दस हजार कर दिए हैं। यदि तुमसे रिकवरी कर ली जाय तो क्या होगा? इस प्रश्न से शिक्षामित्र दंग रह गए। basic shiksha rajya mantri up से बातचीत करने के बाद लौटे शिक्षामित्रों ने मंत्री के इस कथन पर आक्रोश व्यक्त किया। शिक्षा मित्रों कहा कि वे जल्द ही दिल्ली जाएंगे। इस दौरान PWD Guest House पर कई थानों का पुलिस बल लगा रहा है।

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PWD Guest House में पहुंचीं basic shiksha rajya mantri up अनुपमा जायसवाल का घेराव करने के लिए शिक्षामित्र पहुंच गए। लेकिन वहां भारी पुलिस फोर्स को देखकर वह वापस लौट आए। PWD Guest House में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया। दोपहर को करीब तीन बजे shikshamitra  किसान भवन से जुलूस लेकर PWD Guest House पर पहुंचे थे। यहां इन्होंने पहुंचते ही नारेबाजी शुरू कर दी। शिक्षामंत्री का घेराव करने के लिए आगे बढ़ने लगे। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो सभी वापस लौट आए। इन लोगों ने यहां नारेबाजी भी की। जब हंगामा बढ़ा तो पुलिस वालों ने shikshamitra को एक तरफ जाने को कहा। इस पर Guest House के पास सभा करने लगे।

shikshamitra continued to protest for the fourth day, minister threatened the recovery

Image Source – Amarujala and News Reference By Amarujala And jagran

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