शिक्षामित्रों का मानदेय कल तक करें भुगतान, देरी होने पर कार्रवाई होगी

इलाहाबाद : दीपावली के मोके पर हर किसी को पैसों की आवश्यकता होती है। अगर इस मोके पर पैसे पास ना हो तो त्यौहार फीका लगता है। सरकार बातें तो बहुत बड़ी बड़ी करती है, लेकिन काम की बातें काम करती है। शिक्षामित्रों को पहले से ही काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऊपर से सरकार ने दिवाली पर शिक्षामित्रों को मानदेय ना देकर जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। ऐसे में उन शिक्षामित्रों की मनोदशा क्या हो रही होगी जो केवल मानदेय पर निर्भर है। वो सही से दीपपर्व भी नहीं मना पाए होंगे। सरकार को समय से शिक्षामित्रों के मानदेय का भुगतान कर देना चाहिए था। जिससे शिक्षामित्र दिवाली जैसे बड़े त्यौहार को हँसी ख़ुशी मना लेते। दिवाली के बाद शासन ने इसकी सुद ली है। इस लेट लतीफ़ से शासन व बेसिक शिक्षा परिषद सचिव संजय सिन्हा ने नाराजगी जताई है। सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि भुगतान की कार्यवाही हर हाल में 25 अक्टूबर तक पूरी हो जानी चहिये। इससे परिषद मुख्यालय को भी अवगत कराने को कहा गया है। साथ ही हीलाहवाली पर कठोर कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया गया है।

शीर्ष कोर्ट ने प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक पद कार्य कर रहे शिक्षामित्रों का समायोजन किये जाने के बाद से प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर दस हजार रुपये प्रतिमाह किया है। सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय ने दिवाली से पहले सभी जिलों को मानदेय का बजट जारी कर दिया था और पर्व से पहले भुगतान के आदेश थे। इसके बाबजूद शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं मिला। इससे शिक्षामित्रों में आक्रोश भी व्याप्त रहा। शिक्षामित्र काफी परेशान भी रहे।

इस प्रकरण के तूल पकडने के बाद बेसिक शिक्षा परिषद सचिव सिन्हा ने इसे संज्ञान में लिया। बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने सोमवार को सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर कड़ी नाराजगी जताई है। इसमें कहा गया है कि शासन ने भी इस कार्य में देरी पर अप्रसन्नता जताई है। सभी जिलों के बीएसए को आदेश दिया गया है कि हर हाल में 25 अक्टूबर तक सभी शिक्षामित्रों के मानदेय का भुगतान कर दिया जाए। इसमें देरी होने पर कार्रवाई होगी।

आपूर्ति का विवरण नहीं भेज रहे बेसिक शिक्षा अधिकारी

शिक्षा निदेशक बेसिक कार्यालय ने परिषदीय स्कूलों में बच्चों को स्कूल बैग, जूता व मोजा की आपूर्ति व वितरण की सूचना हर दिन सुबह 11 बजे तक हर जिले से मांगी है, लेकिन अधिकतर बीएसए आपूर्ति व वितरण की रिपोर्ट नहीं भेज रहे हैं। इस पर सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी को नए सिरे से जारी आदेश जारी किया गया है। इस आदेश तहत कहा गया है कि बीएसए सभी सूचनाएं समय पर भेजें, क्योंकि शासन स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग में विलंब ना हो।

टीईटी 2017 की आपत्तियां लेने की समय सीमा हुई खत्म

15 अक्टूबर को हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपी टीईटी 2017 की उत्तरमाला पर आपत्तियां लेने की समय सीमा सोमवार शाम छह बजे समाप्त हो गई। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सूत्रों की मानें तो बड़ी संख्या में ई-मेल पर आपत्तियां मिली हैं। आपत्तियां की अधिकृत संख्या जल्द ही घोषित की जाएगी। इसके बाद संशोधित उत्तरमाला जारी होगी। टीईटी 2017 का परीक्षा परिणाम इस बार 30 नवंबर को घोषित होने की उम्मीद है।

 

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