कम छात्र संख्या वाले स्कूल होंगे शिक्षक समायोजित – सीएम

Aadarsh Teacher Welfare Association ने केंद्रीय कार्यालय में गुरुवार को प्रादेशिक बैठक की। बैठक में कहा गया है कि यदि गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय बंद करा दिए जाएं तो शिक्षकों के समायोजन की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। क्योंकि इससे छात्र संख्या अपेक्षा से अधिक हो जाएगी और नई भर्ती करनी भी करनी पड़ेगी। Basic Shiksha Parishad सचिव से अपील की है सितंबर 2016 की छात्र संख्या को मानक मानकर सत्र 2017-18 के समायोजन का आधार तय करें।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रलय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव अनिल स्वरूप व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा में बदलाव और यूपी की बुनियादी जरूरतों के रोड मैप पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि अगले सत्र से NCERT कोर्स लागू करने के लिए अभी से योजनाबद्ध ढंग से काम किया जाए।

शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए तकनीक का सहयोग लिया जाए। देश के विभिन्न प्रदेशों में अपनाई जा रही अच्छी व पारदर्शी कार्य पद्धतियों का अध्ययन कराकर उन्हें यूपी में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि निजी स्कूलों व उसमें पढ़ने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही है, जबकि राजकीय विद्यालय में ड्रापआउट तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की उपस्थिति और उनके पढ़ाने की गुणवत्ता में सुधार हो।

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