शिक्षामित्रों 5 सितंबर को यूपी विधानसभा का घेराव करेंगे

sahaayak adhyaapak pad पर नियुक्ति पाने के लिए राह को सुगम बनाने की मांग पर शिक्षामित्र अड़े हैं। बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव को उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति ने ज्ञापन सौंपकर ऐसे तीन बिंदु सुझाए हैं जिससे शिक्षामित्रों की तैनाती का रास्ता और भी आसान हो जाएगा। साथ ही shiksha mitra sangathan ने अल्टीमेटम भी दिया है कि यदि हमारी मांगे नहीं मानी गई तो पांच सितंबर शिक्षक दिवस पर प्रदेश के हजारों शिक्षामित्र विधान भवन का घेराव करेंगे। शिक्षामित्रों ने यह भी कहा इस बार आश्वासन पर धरना समाप्त नहीं करेंगे। अब लड़ाई आरपार की होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने basic shiksha parishad के prathmik schools में sahayak adhyapak कार्यरत एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन बीते 25 जुलाई को रद कर दिया था। जिसके कारण प्रदेश के शिक्षामित्र आंदोलन का रहे है। प्रदेश के जिलों में आंदोलन व प्रदर्शन किया जा रहा है। पिछले दिनों लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान पर धरना प्रदर्शन दिया गया। सोमवार को बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह को UP shikshamitra shikshak kalyan samiti के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा ने नया प्रत्यावेदन सौंपा है। इसके बाद लखनऊ के दारूलसफा बी ब्लाक में बैठक करके निर्णय लिया गया कि सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा करें। यह भी कहा गया कि यदि तीन दिन के अंदर कार्यवाही न हुई तो पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर विधानभवन का घेराव किया जाएगा।

शिक्षामित्रों ने कहा कि अब मान-सम्मान के साथ समझौता नहीं होगा और न ही सरकार का कोई आश्वासन मानेंगे, बल्कि मांगों को लेकर सरकार शासनादेश जारी करे। यहां प्रांतीय मंत्री अरुण केशरी, उपाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह, अजय कुमार सिंह, आरके पटेल, राजेंद्र प्रसाद, पवन आदि मौजूद थे। शिक्षामित्रों की मांगों पर विचार करने के लिए मुख्य सचिव राजीव कुमार ने Basic education department के अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। ये committee shikshamitra के प्रत्यावेदन पर विचार करके अतिशीघ्र अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

इस कमेटी में सूचना विभाग, न्याय विभाग, समाज कल्याण व वित्त विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य होंगे। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे। Shiksha Mitra Samayojan होने तक समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम पद्धति के स्कूली शिक्षकों की तरह मानदेय की मांग कर रहे हैं। इन स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षक संविदा पर तैनात हैं और इन्हें 27 हजार रुपये 11 महीने 29 दिन का मानदेय दिया जाता है। शिक्षामित्रों का कहना है कि इस तर्ज पर परिषद में भी teachers के वेतन के समकक्ष उन्हें भी मानदेय दिया जाए। वहीं वे अध्यादेश लाकर TET से छूट देते हुए शिक्षक बनाने की मांग भी कर रहे हैं। शिक्षामित्र नेताओं का कहना है कि शिक्षामित्रों को टीईटी से छूट देने के लिए केन्द्र सरकार अध्यादेश ला सकती है।

घेराव का है एेलान : 5 सितम्बर को विधान सभा का घेराव करेंगे शिक्षामित्र। UP shikshamitra shikshak kalyan samiti   ने शिक्षक दिवस के मौके पर विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा का कहना है कि यदि सरकार ने तीन दिनों में शिक्षामित्रों पर निर्णय नहीं लिया तो विधानभवन का घेराव किया जाएगा। शिक्षामित्रों को समान कार्य, समान वेतन से नीचे कुछ भी मंजूर नहीं है। वहीं अधिकतम भारांक भी 25 से बढ़ा कर 30 किया जाए। इसके अलावा मेरिट अंकों से तय की जाए, न कि ग्रेड पद्धति से

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