शिक्षक भर्ती परीक्षा रद्द कराने सड़क पर उतरे अभ्यर्थी

परिषदीय स्कूलों की शिक्षक भर्ती परीक्षा की शुचिता पर अभ्यर्थियों का एक समूह लगातार सवाल उठा रहा है। उनका दावा है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र की उत्तर कुंजी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसलिए परीक्षा निरस्त की जाए। प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर सॉल्वर गैंग व अफसरों पर कार्रवाई की जाए। अभ्यर्थियों ने मंगलवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से लेकर चंद्रशेखर आजाद पार्क तक जुलूस निकाला।

शिक्षक भर्ती परीक्षा रविवार को प्रदेश के मंडल मुख्यालयों पर हुई थी। इम्तिहान 11 बजे से शुरू होना था, 69 हजार शिक्षक भर्ती न्याय मोर्चा के अभ्यर्थियों का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उत्तर कुंजी पहले ही वायरल हो गई। उसी के बाद से निरंतर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। मंगलवार को भी पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पहुंचे और वहां नारेबाजी करने के बाद जुलूस निकाला, बैंक रोड, कचहरी होते हुए आजाद पार्क तक पहुंचे। अभ्यर्थियों ने कहा कि शासन ने कटऑफ अंक जारी कर दिए हैं लेकिन, अब भी आंदोलन जारी रहेगा। इसमें एक गिरोह व अफसर मिले हैं, उनकी जांच हो तो तस्वीर साफ हो जाएगी। प्रशासन शांतिपूर्ण व नकलविहीन परीक्षा कराने में सफल नहीं हुआ है। युवा मंच के अनिल सिंह ने बताया कि परीक्षा संस्था की ओर से जारी उत्तर कुंजी व वायरल कुंजी में करीब दो दर्जन सवालों के जवाब में अंतर है, बाकी वही जवाब घोषित किए गए हैं। इसलिए शक और गहरा गया है। यहां पर सुनील मौर्य, मनोज यादव, अलाउद्दीन, सुनील यादव, विवेक यादव, राकेश वर्मा, निरंजन देव आदि मौजूद रहे।

आज कैंडल मार्च निकालेंगे : अभ्यर्थियों ने अल्टीमेटम दिया है कि उनका आंदोलन रुकेगा नहीं, बुधवार को अभ्यर्थी परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से सुभाष चौराहे तक कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

पढ़ें- शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा के नौ प्रश्नों पर सोशल मीडिया में संशय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.