Shiksha Mitra will work on the original post

राज्य सरकार ने shikshamitra samayojan radd किए जाने के मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करने से इनकार कर दिया है। shikshamitra TET Pass करने तक अपने मूल पद यानी shikshamitra के तौर पर ही काम करेंगे। उन्हें नियुक्ति में प्रति वर्ष ढाई अंक और अधिकतम 25 अंक वेटेज देने पर भी सहमति बन गई है। मानदेय पर फैसला मुख्यमंत्री लेंगे। supreme court के फैसले से प्रभावित प्रदेश के 1.37 लाख शिक्षामित्रों के मामले पर गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। विभागीय अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने कहा कि shikshamitra TET Pass करने तक अपने मूल पद पर काम करेंगे। वे चाहें तो जहां तैनाती है वहां काम करें या अपने मूल स्कूल में वापस जाना चाहें तो वहां के लिए आवेदन कर सकेंगे।

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बैठक में निर्णय लिया गया कि नवंबर के पहले हफ्ते में teacher eligibility test कराई जाएगी।जुलाई का वेतन samayojit shikshamitra को जल्द ही दिया जाएगा। Supreme court के फैसले के अनुसार अनुभव के आधार पर वेटेज देने पर भी सहमति बन गई है। शिक्षामित्रों को अनुभव वेटेज के तौर पर प्रतिवर्ष सेवा के लिए ढाई अंक दिए जाएंगे और अधिकतम 25 अंक दिए जा सकेंगे। ये shikshamitra के शैक्षिक गुणांक में जोड़ दिए जाएंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि shikshamitra चाहें तो सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर कर सकते हैं लेकिन सरकार अब सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगी। मानदेय की धनराशि को लेकर मुख्यमंत्री निर्णय लेंगे। सरकार अभी तक असमायोजित शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये मानदेय दे रही है।

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इसके अलावा State Government National Council for Teacher Education को पत्र लिखकर मानकों में छूट देने का अनुरोध करेगी। दरअसल NCTE के मानकों के मुताबिक वही Candidate TET दे सकता है जिसने स्नातक स्तर पर कम से कम 50 फीसदी नंबर हासिल किया हो। शिक्षामित्रों में कई ऐसे भी हैं जिनके नंबर इससे कम हैं। लिहाजा मानकों में छूट के लिए NCTE की अनुमति चाहिए होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई को शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया है लेकिन निर्णय में यह भी कहा है कि यदि सरकार चाहे तो इनके TET Pass करने के बाद इन्हें लगातार दो भर्तियों में मौका दे सकती है। अनुभव और उम्र के आधार पर भी वरीयता दे सकती है। बैठक में बेसिक शिक्षा के निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह व अन्य अधिकारियों समेत शिक्षामित्र संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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शिक्षामित्र पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे

adarsh shiksha mitra welfare association के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र शाही ने बैठक के बाद कहा कि shikshamitra अपने स्तर से पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। ये 1.37 लाख शिक्षामित्रों की जिंदगी से जुड़ा मामला है। हालांकि सरकार ने आश्वस्त किया है कि शिक्षामित्रों के हितों की रक्षा की जाएगी।

Shikshamitra will work on the original post

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