शिक्षामित्रों की प्रधानमत्री मोदी से मुलाकात को लेकर संशय बरकरार

सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद्द किये जाने के बाद से शिक्षामित्र समायोजन को लेकर लगातार सघर्ष कर रहे है। शिक्षामित्र कभी प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तो कभी दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे है मगर मोदी और योगी सरकार उनकी कोई बात नहीं सुन रही है। जब उत्तर प्रदेश में इलेक्शन थे तो शिक्षामित्रों से बहुत बड़े बड़े बादे किये गए थे। सरकार बनने के बाद जो शिक्षामित्रों से किये गए उन वादों को भूल गए। अब शिक्षामित्रों का भविष्य एक दम अंधकार में है, जाये तो कहा जाये। बहुत से शिक्षामित्रों ने आत्महत्या कर ली है उनके परिवार का क्या हाल हो रहा होगा जिनको अपने पीछे छोड़ चले गये।

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प्रदेश के शिक्षामित्र एक उम्मीद लेकर बैठे है सायद हमारा समायोजन हो जाये मगर सरकार समायोजन के नाम पर कुछ नहीं बोलती है सरकार साफ साफ शब्दों में कहती है की हम आपका मानदेय 3500 से बड़ा कर 10000 कर रहे है लेकिन समायोजन नहीं करेंगे उसके लिए कोर्ट की दुहाई देते है। सरकार के बीएसए शिक्षामित्रों को धमकी देते कि सुप्रीमकोर्ट के फैसले और शिक्षामित्रों को 10 हजार मानदेय देने का शासनादेश जारी होने के बाद जलिा बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापकों को चेतावनी दी है कि वे शिक्षामित्रों की कुण्डली का सत्यापन ठीक करें। शिक्षामित्रों के स्कूलों में गैरहाजिर रहने पर उनकी सही ढंग से जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएं।

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प्रधानमत्री के दौरे से शिक्षामित्रों को एक उम्मीद की किरण जगी है। प्रधानमत्री दो दिन के दौरे पर बनारस आये हुए है। सभी शिक्षामित्रों के संगठन प्रधानमंत्री से मिलने की कोशिश मैं है मगर टाइम नहीं मिल पा रहा है।
बिभिन्न जिलों से आये शिक्षामित्रों कहना है की हम प्रधानमत्री को उनका वादा याद दिलाने के लिए आये है उन्होंने जो वादा किया था उसको पूरा करने का समय आ गया है

शिक्षामित्रों को पास मिला, समय नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलाने के लिए शिक्षामित्रों ने तैयारी पूरी कर ली है। प्रधानमत्री से शिक्षामित्रों की पांच सदस्यीय कमेटी मिलेगी। प्रधानमत्री मोदी से मिलने वाली कमेटी में शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अमरेंद्र दुबे, प्रतिमा दुबे, सीमा मिश्र, स्मिता राय और अजय कुमार सिंह के नाम शामिल हैं। शिक्षामित्रों की पांच सदस्यीय कमेटी का चयन कर जिला प्रशासन ने उनका पास बनवाया है, लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है। इसे लेकर शिक्षामित्र कभी परेशान हैं। शिक्षामित्र सुबह साढ़े छह बजे डीएल डब्ल्यू गेस्ट हाऊस पहुंच रहे है। प्रधानमत्री को अपनी परेशानी सुनाने के लिये। पीएम के काशी दौरे के दौरान शिक्षामित्रों के आंदोलन को लेकर प्रशासन डरा हुआ है। पुलिस शिक्षामित्रों को लेकर चौकन्नी रहने के साथ ही एलआईयू से पल-पल की रिपोर्ट भी लेती रही।

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सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का दस हजार रुपये मानदेय तय किया गया है। शिक्षामित्र उससे संतुष्ट नहीं हैं। शिक्षामित्रों की मांग है कि समान कार्य समान वेतन दिया जाए। साथ ही टीइटी परीक्षा से छूट दी जाए। आंदोलित शिक्षामित्रों ने प्रदेश भर में प्रदर्शन के साथ चार दिनों तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन किया। शनिवार को प्रधानमंत्री से मिलने वालों की सूची में अमरेंद्र दुबे, प्रतिमा दुबे, सीमा मिश्र, स्मिता राय व अजय कुमार सिंह शामिल हैं। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अमरेंद्र दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर पास जारी किया गया है, लेकिन समय नहीं बताया गया है।’

Shiksha Mitra suspicion about meeting Prime Minister Modi

Shiksha Mitra suspicion about meeting Prime Minister Modi

 

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