शिक्षामित्र संगठनों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा को बताया एक धोखा

प्रदेश में रविवार को 1634 केन्द्रो पर TET Exam आयोजित की गई। परीक्षा दो पालियों में हुए पहली पाली में 10 से 12.30 बजे तक प्राथमिक और 2.30 से 5 बजे तक उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा हुई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद्द करने के बाद से जो shikshamitra Assistant Teacher पद पर थे अब वो केवल shikshamitra बनकर रह गए है। उन शिक्षामित्रों के लिए एक सुनहरा मौका था दुबारा सहायक पद पर समायोजित होने का मगर सरकार की मंशा कुछ ठीक नहीं लग रही है। क्योंकि पेपर कठिन होने के कारण उनके सारे अरमानो पर पानी फिर गया। सोशल मीडिया में भी की खूब चर्चा हो रही सभी कह रहे कि पेपर बहुत कठिन था। क्या कर सकते है। सरकार शिक्षामित्रों की कोई बात सुन नहीं रही है।

राजधानी लखनऊ में कुल 23,648 अभ्यर्थियों ने TET की परीक्षा दी। राजधानी लखनऊ के परीक्षा केंद्रों पर हल्की-फुल्की गड़बड़ियां भी देखने को मिली, जिन्हें सचल दल के दस्तों ने पकड़ लिया। परीक्षा शांतिपूर्ण हो इसके लिए छह सचल दल टीमें बनाये गए जो राजधानी के सभी केंद्रों पर निगरानी बनाये हुए थे। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के नये नियमों के कारण शिक्षकों नौकरी के लिए shikshamitra की परीक्षा बहुत अहम हो गयी है। जिसके कारण से टीईटी परीक्षा में कड़ाई देखने को मिली।

ढ़ाई घंटे की टीईटी परीक्षा में 150 सवाल पूछे गए। Teacher Eligibility Test का पेपर 5 सेक्शन में हुआ था जिसमे गणित, पर्यावरण, बाल मनोविज्ञान, हिंदी, लैंग्वेज (अंग्रेजी,उर्दू, संस्कृत) शामिल थे। परीक्षा देने आये परीक्षार्थिओं ने बताया कि गणित का सेक्शन उम्मीद से ज्यादा कठिन था। सभी परीक्षार्थिओं का कहना था कि इस बार का टीईटी पेपर काफी कठिन था। मोहनलालगंज से परीक्षा देने आए शिक्षामित्र राजकुमार ने बताया कि उन्होंने तीसरी बार टीईटी की परीक्षा दी है लेकिन इतने कठिन गणित के सवाल कभी नहीं आए। इसके अलावा परीक्षा देने आए शिक्षामित्र बालकराम ने बताया कि पेपर उम्मीद से ज्यादा कठिन था। जियोमेट्री के सवाल भी इस बार परीक्षा में शामिल किये गए थे। उनका कहना था की ज्यादातर शिक्षामित्रों को परीक्षा में दिक्कत जरूर आयी होगी।

प्राइमरी में जहां मैथ्स और चाइल्ड साइकॉलजी तो उच्च प्राथमिक परीक्षा में जीके और हिंदी के प्रश्नों को हल करने में परीक्षार्थियों को मुश्किल आई। वहीं साइंस के परीक्षार्थियों को फिजिक्स के सवाल काफी मुश्किल लगे। परीक्षार्थियों ने बताया कि पिछली बार के मुकाबले इस बार का पेपर काफी मुश्किल आया। पहली पाली के परीक्षार्थी आशीष कुमार ने बताया कि भाषा के सवाल तो ठीक थे, लेकिन इंवायरमेंट साइंस में जीके काफी से जुड़े सवाल काफी मुश्किल लगे। वहीं शरद मिश्रा ने बताया कि मनोविज्ञान के काफी प्रश्न सिद्धांतों के आधार पर पूछे गए थे, जो टफ थे। उर्वशी अवस्थी ने बताया कि मैथ्स तो दसवीं के सिलेबस पर आधारित थी, लेकिन सवालों को काफी घुमा कर पूछा गया, जिन्हें हल करने में काफी समय लगा, जिससे दूसरे सवाल छूट गए। वहीं दूसरी पाली की परीक्षा में रोहित सिंह ने बताया कि संविधान के सेक्शन से जुड़े सवाल इस बार पूछे गए, जिन्हें हल करने में काफी दिक्कत आई। इसके अलावा जीके का सेक्शन भी इस बार काफी मुश्किल रहा।

प्रदेश में रविवार को हुए Teacher Eligibility Test (TET) को shikshaamitra Sangathan ने एक धोका बताया। उनका आरोप है सरकार उनके साथ सौतेला रवैया अपना रही है। रविवार को आदर्श समायोजित वेलफेयर ऐसोसिएशन शिक्षामित्र के प्रदेश अध्यक्ष जीतेन्द्र साही कहा है कि सरकार ने जल्दबाजी में आकर सरकार ने टीईटी परीक्षा का कार्यक्रम घोषित किया और एक माह के अंदर ही प्रक्रिया पूर्ण कर परीक्षा का आयोजन करा दिया। जबकि इसके पूर्व प्रत्येक जिले में विकास खंड स्तर पर शिक्षामित्रों के लिए टीईटी की तयारी के लिए कक्षा चलाने का निर्देश दिया था। उन्होंने केवल पात्रता मानते हुए लिखित परीक्षा न कराकर शैक्षिक गुणांक में भारांक देकर जल्द सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। इस मोंके पर दूरस्थ बी टी सी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव भी मौजूद थे

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Shiksha Mitra Sangathan Told Teacher Eligibility Test a Fraud

 

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