वार्ता विफल शिक्षामित्रों का आंदोलन आज से

समायोजित शिक्षामित्र ने 10 हजार रुपये मानदेय पर काम करने से इनकार कर दिया है। बुधवार शाम अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह से पहले बिन्दु पर असहमत होने पर शिक्षामित्र वार्ता अधूरी छोड़ कर बाहर निकल आए। वार्ता की विफलता के बाद शिक्षामित्रों ने घोषणा की है कि वे अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक 17 से 19 तक जिलों में आंदोलन करेंगे और 21 से लखनऊ में मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखेंगे। समायोजित शिक्षामित्र अभी तक मिल रहे वेतन को ही मानदेय के रूप में दिए जाने की मांग कर रहे हैं। शिक्षामित्रों के आंदोलन की घोषणा के बाद अपर मुख्य सचिव आरपी सिंह ने शिक्षामित्र संगठन को वार्ता के लिए बुलाया था। अभी तक राज्य सरकार असमायोजित शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये मानदेय दे रही है।

आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र शाही ने बताया कि हमें समान काम, समान वेतन से कम पर कुछ भी मंजूर नहीं है। मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में गोरखपुर में एक सभा में कहा था कि सरकार अध्यादेश लाकर कानून बना कर शिक्षामित्रों को अध्यापक का दर्जा दे लेकिन सत्ता में आने के बाद वह अपनी बात भूल रहे हैं। शिक्षामित्रों ने दस हज़ार रुपया महीने मानदेय और मूल विद्यालय पर पोस्टिंग के सरकार के प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया है। सरकार से वार्ता विफल होने के बाद से शिक्षा मित्रों ने ब्रह्स्पतिबार से प्रदेश के सभी जिलों में शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर स्कूलों में तालाबंदी की घोषणा की है उधर सरकार उधर आंदोलन से निपटने की तैयारी करते हुए ऐसे लोगो को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्यवाही के आदेश दिए है।

बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव राजप्रातप सिंह ने बुधबार को शिक्षा मित्रों के संगठनों के पदाधिकारिओं को वार्ता के लिए सचिवालय बुलाया राजप्रातप सिंह ने उनके सामने दस हज़ार रुपया महीने मानदेय और मूल विद्यालय पर पोस्टिंग का प्रस्ताव रखा सह अध्यापक की भर्ती में वरीयता के प्रस्ताव पर विचार विमर्श का भरोसा दिया इस पर शिक्षामित्रों ने कहा इनते वर्षों के अनुभव के बाद वे दस हज़ार रुपया महीने में पढ़ाने की तैयार नहीं है उनके सहायक अध्यापक बनने पर 39000 वेतन और भत्ते मिल रहे थे। दस हज़ार रुपया महीने परिवार का पालन पोषण कैसे होगा दोनों पक्षों के अड़ने के बाद करीव वार्ता 5 मिनट में विफल होगई इसके बाद से शिक्षामित्रों ने प्रदेश के सभी जिलों में शिक्षण कार्य का बहिष्कार करने की घोषणा करते हुए कहा है की 21 अगस्त को लखनऊ और 25 अगस्त को दिल्ली में आंदोलन होगा।

शिक्ष मित्रों की मुख्य मांगे: समान कार्य, समान वेतन यानी शिक्षकों का वेतन शिक्षामित्रों को मानदेय के रूप में दिया जाएसरकार अध्यादेश लाकर शिक्षामित्रों को शिक्षक का दर्जा दे जरूरत पड़े तो ऐसी शिक्षक पात्रता परीक्षा हो जिसमें सिर्फ 1.37 लाख शिक्षामित्र शामिल हों टी ई टी के दो से ज्यादा मौके दिए जाएंten thousand mandey per a month

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