शिक्षा मित्र आंदोलन डायरी जिलेवार

वार्ता विफल, गतिरोध बरकरार
लखनऊ : शिक्षामित्रों के विभिन्न संगठनों और शासन के बीच गुरुवार को दो चक्रों में हुई वार्ता के बाद भी गतिरोध बरकरार है। शिक्षामित्रों की कुछ मांगों पर शासन की ओर से सकारात्मक रुख दिखाने पर तय हुआ कि लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन शांतिपूर्वक जारी रहेगा। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा राज प्रताप सिंह से गुरुवार को हुई वार्ता विफल रहने के बाद शिक्षामित्रों ने शाम को फिर बात की। उन्होंने मांग की कि सरकार सुप्रीम कोर्ट से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए याचिका दायर करे और शिक्षक बनाने के लिए सरकार नया अध्यादेश लाए। अपर मुख्य सचिव का कहना था कि ऐसे अध्यादेश के बारे में फैसला मुख्यमंत्री ही ले सकते हैं। शिक्षक के लिए टीजीटी की अनिवार्यता से छूट दिलाने के लिए वह केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री और राष्ट्रीय अध्यापक परिषद को पत्र लिखेंगे। किसी भी निर्णय पर पहुंचने में आठ से दस दिन का समय लगेगा।.

शिक्षामित्र फिर आंदोलन की राह पर, पठन-पाठन ठप
शीर्ष कोर्ट से समायोजन रद होने के बाद प्रदेश सरकार से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद लगाए शिक्षामित्र फिर आंदोलन की राह पर चल पड़े हैं। जिला मुख्यालयों पर दिन पर प्रदर्शन, मौन जुलूस और घेराव के साथ सड़क जाम करने की सूचनाएं हैं। शिक्षामित्र अब सरकार पर वादा खिलाफी करने का आरोप लगा रहे हैं, साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार जल्द अध्यादेश लाकर उनकी समस्या का निस्तारण करे।1अवध क्षेत्र के जिलों में शिक्षामित्रों ने गुरुवार को बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन किया और मांगें न पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी।

फैजाबाद में शिक्षामित्र सुबह से ही स्कूल छोड़कर बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय परिसर में जमा हो गए। आंदोलन से 88 विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित रहा तो 13 विद्यालयों में पूरे दिन पढ़ाई नहीं हो सकी। गोंडा में शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। सीतापुर में शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर बेमियादी धरना दिया। बाराबंकी में शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय में तालाबंदी की। दोपहर बाद लखनऊ-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग को आधे घंटे तक जाम रखा। रायबरेली में विकास भवन परिसर के बाहर व अमेठी में भी बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन जारी रहा। अन्य जिलों में भी यही स्थिति रही।

मांगों को लेकर शिक्षामित्रों ने किया प्रदर्शन
इलाहाबाद : शासन को दी हुई अवधि बीतने के बाद जनपद एवं अंचल के हजारों शिक्षामित्रों ने गुरुवार से प्रदर्शन किया। सुबह दस बजे सर्वशिक्षा अभियान कार्यालय पर जुटे शिक्षामित्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च कर मुख्यमंत्री को अपनी मांगों का ज्ञापन प्रेषित किया। 1संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले शुरू हुए कार्यक्रम में जनपद के हजारों शिक्षामित्रों ने हाथ में तिरंगा व स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। इसमें 21 शिक्षा खंड शिक्षा से जुड़े तीन हजार से अधिक शिक्षामित्र शामिल हुए।

जिलाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि किसी भी सूरत में ‘शिक्षक’ पदनाम से समझौता नही किया जाएगा। दोपहर बजे सभी शिक्षामित्र सर्वशिक्षा अभियान से कतारबद्ध होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां पर शिक्षामित्रों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। शिक्षामित्रों की मांगों में प्रदेश के 1.70 लाख से अधिक लोगों के भविष्य को संरक्षण शामिल है। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में नया अध्यादेश लाए जाने तक समायोजित शिक्षकों, शिक्षामित्रों के बराबर कार्य एवं वेतन दिए जाने की मांग की गई है।

शिक्षामित्र संघ के जिला संरक्षक सुरेंद्र पांडेय ने शिक्षामित्रों में जोश भरने का काम किया। शिक्षामित्रों ने शुक्रवार के भी सर्वशिक्षा कार्यालय पर आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। संचालन जनार्दन पांडेय ने किया। कार्यक्रम में , अरुण सिंह पटेल, शिवपूजन सिंह, विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। सर्वशिक्षा अभियान कार्यालय में जुटे जिले के शिक्षामित्र, पैदल मार्च कर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

शिक्षा सहायक पद को अड़े शिक्षामित्र
आगरा: डायट परिसर में (बीएसए कार्यालय) पर शिक्षामित्रों ने गुरुवार को सत्याग्रह किया। वीरेंद्र छौंकर और प्रदीप उपाध्याय समेत 21 शिक्षामित्र क्रमिक अनशन पर बैठे। शिक्षामित्रों ने सभा कर प्रदेश सरकार को कोसा। उन्होंने कहा कि सरकार उनका अध्यादेश के तहत शिक्षा सहायक पद पर समायोजन करे। साथ ही शिक्षामित्रों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर सुप्रीमकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की है।

जुलाई के आखिरी सप्ताह में सुप्रीमकोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद कर दिया था। इसके बाद शिक्षामित्रों ने धरना-प्रदर्शन और विधायक व सांसदों, मंत्री का आवास घेरा था। तब शिक्षामित्रों को भरोसा दिया गया कि सरकार उनके हित में कोई राह खोजेगी। इसके बाद शिक्षामित्रों ने आठ दिन चले आंदोलन को स्थगित कर दिया। शिक्षामित्रों को उम्मीद थी कि सरकार उनके लिए कोई इंतजाम करने में सफल हो जाएगी। लेकिन 15 दिन बाद भी सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने का निर्णय नहीं ले सकी।

अब शिक्षामित्र सरकार से भरोसा नहीं निर्णय चाहते हैं। वे सरकार से इस संबंध में अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। गुरुवार शिक्षामित्रों ने टोपी पहन प्रदर्शन किया, जिस पर लिखा था कि अध्यादेश लाओ, शिक्षामित्र बचाओ। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र छौंकर ने कहा कि भविष्य में शिक्षामित्रों से वार्ता में सरकार अपर सचिव को अलग रखे। क्योंकि उनकी वजह से ही वार्ता विफल हो रही हैं। वे गलत बयानबाजी कर रहे हैं। वार्ता की जिम्मेदारी किसी अन्य अफसर को सौंपी जाए। शुक्रवार को अनशन जारी रहेगा। अनशन पर बैठे शिक्षामित्रों की सूची डीएम को प्रेषित की गई है। प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में शिक्षा सहायक पद पर शिक्षामित्रों को समायोजित करने, आंदोलन के दौरान मृत शिक्षामित्रों के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई।

ज्ञापन एसीएम तृतीय सुनील कुमार को सौंपा। अशोक शर्मा, शिशुपाल चाहर, सुधीश शर्मा, सीपी तौमर, करतार यादव, भूपेंद्र, नंदकिशोर, राजभान गुर्जर, ओमवीर, मुकेश भदौरिया, हरीशंकर शर्मा, रघुवीर, रामनरेश, रामपाल,माध्वी सोलंकी, मुक्ता रावत, अर्चना, रीना, सचिन, सतेंद्र मीनू, मधू शर्मा आदि मौजूद रहे।1स्कूलों की पढ़ाई पर संकट: शिक्षामित्रों के सत्याग्रह से एक बार फिर स्कूलों में पढ़ाई पर संकट आ गया है। गुरुवार को करीब 400 एकल विद्यालय नहीं खुले और अन्य विद्यालयों में भी पढ़ाई प्रभावित रही।

प्रदर्शन में बिगड़ी शिक्षामित्र की हालत
अलीगढ़ : सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षा मित्रों को सरकार से वार्ता में भी निराशा हाथ लगी है। सरकार के खिलाफ शिक्षा मित्रों ने एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़ी है। गुरुवार को संयुक्त शिक्षा मित्र संघर्ष समिति के बैनर तले शिक्षा मित्रों ने बीएसए ऑफिस के सामने सुबह 10 से शाम पांच बजे तक धरना दिया। अंत में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसीएम प्रथम राम सूरत पांडे को दिया। शुक्रवार को सुबह 10 बजे से फिर धरना दिया जाएगा। दो बजे वहां से मार्च कर जिलाधिकारी कार्यालय तक जाएंगे, यहां प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे।

सुबह धरनास्थल पर शिक्षा मित्रों ने कहा कि 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उनका समायोजन निरस्त कर दिया है। 10 साल से विद्यालयों में शिक्षण का कार्य कर रहे शिक्षा मित्रों को अधिक उम्र हो जाने के कारण रोजगार जैसा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है, जबकि शिक्षा मित्र स्नातक और बीटीसी योग्यता धारक हैं। दोपहर 1:30 बजे प्राथमिक विद्यालय सारसौल की महिला शिक्षा मित्र चेतन देवी बेहोश हो गई। साथियों ने उनकी मदद कर राहत पहुंचाई।

ज्ञापन में मांग की है कि सरकार नया अध्यादेश लाकर ऐसा कानून बनाए कि सभी शिक्षा मित्र सहायक अध्यापक के पद पर बने रहें। नया कानून लाने तक प्रदेश के समायोजित शिक्षकों व शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक पद के बराबर समान कार्य समान वेतन दिया जाए। जिला महामंत्री हरेंद्र सिंह ने बताया कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान जिला संयोजक सुनील कुमार, जिला उपाध्यक्ष अविनाश कुमार के अलावा जिला संयोजक चौ. ऋषिपाल सिंह, विनय यादव आदि मौजूद थे।

पूर्व में इस तरह चला आंदोलन: 26 व 27 जुलाई को कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन। 28 को बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव, 29 को बरौली विधायक दलवीर सिंह व कोल विधायक अनिल पाराशर के आवास का घेराव, 30 को सांसद सतीश गौतम के आवास का घेराव, 31 को विद्यालयों की तालाबंदी। एक अगस्त को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया।

शिक्षा मित्रों ने फिर शुरु किया आंदोलन
मथुरा: शिक्षा मित्रों की बहाली की मांग को लेकर सरकार द्वारा समाधान के आश्वासन की अवधि समाप्त होने के बाद जिले के आक्रोशित शिक्षा मित्रों ने गुरुवार को बीएसए कार्यालय पर पुन: शिक्षा मित्र संघर्ष समिति के बैनर तले धरना शुरू कर दिया। सैकड़ों की तादात में मौजूद शिक्षा मित्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बहाली की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर हरिशंकर को सौंपा। शुक्रवार से आंदोलित शिक्षा मित्र क्रमिक अनशन शुरू करेंगे।

गत दिनों शिक्षा मित्रों के प्रांतीय नेतृत्व के साथ सरकार की वार्ता में 15 दिन में समाधान दिए जाने के आश्वासन के बाद शिक्षा मित्रों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। लेकिन समाधान न होने पर गुरुवार सुबह जिले भर के शिक्षा मित्र बीएसए कार्यालय के मुख्य गेट सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। संघर्ष समिति के संयोजक दुष्यंत सारस्वत ने कहा कि सरकार ने तीन दिन में हमारी मांगों का सम्मान जनक हल नहीं निकाला तो 21 अगस्त से प्रदेश भर के शिक्षा मित्र सरकार से लखनऊ में आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। गोवर्धन ब्लाक के अध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने कहा शिक्षा मित्रों के वाजिब हक के लिए यह एकता और संघर्ष व्यर्थ नहीं जाएगा।

संयोजक गिरधारी लाल शर्मा ने कहा कि सरकार शिक्षा मित्रों को हलके में न ले। इसके गंभीर परिणाम सरकार को भुगतने होंगे। धरना स्थल पर दीपक गुप्ता, मुकेश उपाध्याय, मुंसिफ अली, शिवकुमार, हाकिम सिंह, कौशल, नीरज तिवारी, रमाकांत, वीरेंद्र सिंह, हेमवती, गीतादेवी, रेखा अनीता, सुनीता, सरिता, मंजू, राजीव चौधरी, सुषमा, तेजवीर, संजय सिंह सविता डागर, सुभाष चौधरी, भगवान सिंह, गो¨वद गुप्ता, हेमलता, नीलम सहित सैकड़ों शिक्षा मित्र मौजूद थे।गुरुवार को बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करते शिक्षामित्र ’

भड़के शिक्षामित्रों ने किया बीएसए दफ्तर पर पथराव1
हाथरस : समायोजन निरस्त होने से नाराज शिक्षामित्र दुबारा शुरू हुए धरना-प्रदर्शन में गुरुवार को आपा खो बैठे। बीएसए को ज्ञापन देने के बाद अचानक कुछ शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर के एमडीएम कक्ष में पथराव कर दिया, जिससे माहौल बिगड़ गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी अब सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखकर पथराव करने वालों को चिह्नित करा रही हैं, ताकि उनपर कानूनी कार्रवाई हो सके।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से समायोजित शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक का दर्जा निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद आंदोलन थमा जरूर मगर 15 दिन बाद भी कोई समाधान न निकलने पर गुरुवार की सुबह शिक्षामित्र नगर पालिका के पार्क में एकजुट हो गए। दोपहर तक धरना-प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्रों ने राम दरबार मंदिर के सामने अलीगढ़ रोड पर एकत्रित होकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके चलते यहां जाम की स्थिति बन गई। यहां से ज्ञापन देने के लिए बीएसए कार्यालय पर पहुंचकर भी शिक्षामित्रों ने नारेबाजी जारी रखी।

बीएसए रेखा सुमन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने के दौरान कुछ शिक्षामित्र एमडीएम कक्ष में थे, जहां कंप्यूटर आपरेटर नवीन से किसी बात पर उनकी बहस हो गई। इससे शिक्षामित्र भड़क उठे। आरोप है नाराज शिक्षामित्रों ने एमडीएम कक्ष में ईंट-पत्थर फेंके जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए तथा सामान अस्त व्यस्त हो गया। पथराव से कक्ष में बैठी महिला कर्मचारी भयभीत हो गईं। पथराव के बाद कर्मचारियों ने पूरे प्रकरण की जानकारी बीएसए रेखा सुमन को दी। जिला समन्वयक एमडीएम अर¨वद शर्मा ने बताया कि मामूली बात पर शिक्षामित्र उग्र हो गए और कक्ष पर पथराव कर दिया। बीएसए को पूरे प्रकरण की जानकारी दे दी है।

समायोजित शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक ब्रजेश वशिष्ठ की मानें तो संगठन को बदनाम करने की साजिश की गई है। बीएसए कार्यालय पर हुए पथराव से शिक्षामित्रों का कोई लेना-देना नहीं है। शिक्षामित्र तो शांतिपूर्ण तरीके से बीएसए को ज्ञापन देकर लौट गए थे।तालाब चौराहे पर स्थित अलीगढ़ रोड पर प्रदर्शन करते शिक्षामित्र, जिसके चलते कुछ देर के लिए जाम लग गया था

 

About primarykateacher

Hi guys, welcome to my blog Primary ka Teacher. I am writing this blog for you and share latest useful News for BTC, B.ed, B.P.Ed Students, Shiksha Mitra and TGT,PGT exam. Here, you can also learn about Computer Education, General Knowledge, Technology and you can find CTET question series which will help you in your examination. You can subscribe this blog newsletter and get information latest updates in your inbox.

If you want to know more then click here.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *