वाराणसी: जेल में बंद साथियों के समर्थन में जुटेंगे हजारों शिक्षामित्र, मंडल के 585 शिक्षामित्रों को नोटिस

उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र काफी दिनों से समायोजन को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे है। इस धरना प्रदर्शन से उनको अभी तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। उनको कोई उम्मीद की किरण भी नजर नहीं आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक उम्मीद की किरण मानते हुए शिक्षामित्र शनिवार को शाहंशाहपुर पहुंचे। शिक्षामित्रों का कहना है कि हम अपनी सभी समस्याओं को प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष रखेंगे और हमे उम्मीद है वो हमारी समस्या को सुनेंगे। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को पशु धन प्रक्षेत्र का लोकार्पण करने शाहंशाहपुर पहुंचे, लेकिन शिक्षामित्रों कि उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। जिसेसे शिक्षामित्र नाराज हो गए गुसाये और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में खूब नारेबाजी करी। शिक्षामित्रों के प्रदर्शन को देख वाराणसी प्रशासन के हाथ पैर फूल गये और आनन फानन में हज़ारों शिक्षामित्रों को जनसभा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारिओं के चलते प्रदेश के शिक्षामित्रों में कभी रोष है। कार्यक्रम के दौरान शाहंशाहपुर से गिरफ्तार किए गए शिक्षामित्रों को छुड़ाने के लिए बड़ी संख्या में शिक्षामित्र आज काशी पहुंचेंगे। शिक्षामित्रों संगठनों ने प्रदेश के शिक्षामित्रों से काशी पहुंचने का आह्वान किया है। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में शिक्षामित्रों के जुटने का अंदेशा जताया गया है। वाराणसी की जेल में 12 जिलों के 37 शिक्षामित्र के साथ संगठन के पदाधिकारी भी बंद

पढ़ें-  योगी सरकार से निराश शिक्षामित्र, क्या अखिलेश यादव का साथ लेंगे

शनिवार को पशु धन प्रक्षेत्र का लोकार्पण करने शाहंशाहपुर आये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में अपनी मांगों को लेकर शिक्षामित्रों ने हंगामा दिया था। उसके बाद से प्रधानमंत्री की सभा से करीब 37 शिक्षामित्रों को गिरफ्तार कर लिया गया। सभास्थल से गिरफ्तार किये गए शिक्षामित्रों में आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की प्रांतीय सचिव रीना सिंह भी शामिल हैं। मीरजापुर, कुशीनगर, अलीगढ़ व हाथरस समेत करीब 12 जिलों के शिक्षामित्रों को जेल में बंद कर दिया गया है। संगठन के जिला स्तर के सभी पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की वजह से शिक्षामित्रों में रोष व्यप्त हैं। शिक्षामित्र गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को जिला जेल भी पहुंचे थे। मगर प्रशासन गिरफ्तार किये गये शिक्षामित्रों को छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। शिक्षामित्रों का कहना कि प्रशासन ने उनको धोका दिया है जिसे शिक्षामित्रों का आंदोलन काफी बड़ा हो गया है। शिक्षामित्र संगठन के पदाधिकारी संतोष मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री मिलवाने के बजाय प्रतिनिधिमंडल के पांच सदस्यों को नजरबंद कर दिया गया। जिसे को लेकर शिक्षामित्रों में काफी रोष है। बताया कि पास बनाये जाने के बाद भी शिक्षामित्रों को प्रधानमंत्रीं से मिलने नहीं दिया गया। शिक्षामित्रों को प्रधानमंत्रीं से न मिलवाने का औचित्य समझ से परे है। समायोजन के अलावा समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर काफी समय से शिक्षामित्र आंदोलन कर रहे है। शिक्षामित्र प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी चार दिनों तक प्रदर्शन किया, मगर इस धरना प्रदर्शन से कोई निष्कर्ष नहीं निकला। शिक्षामित्र समायोजन को लेकर काफी परेशान है। उनका कहना है अब हम अपने बच्चो और परिवार का भरण पोषण कैसे करे। हम शिक्षामित्र 17 सालों से पढ़ा रहे है।

पढ़ें- वाराणसी :पीएम मोदी से मिलने पहुंचे शिक्षामित्रों को पुलिस प्रशासन ने नाटकीय ढंग से किया नजरबंद

‘काफी कहने के बाद भी पुलिस ने गिरफ्तार शिक्षामित्रों को नहीं छोड़ा। इन्हें छुड़ाने के लिए सोमवार को जरूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। साथियों को बल देने कई जिलों के शिक्षामित्र काशी पहुंचेंगे। अमरेंद्र दुबे, जिलाध्यक्ष, आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसो.

पढ़ें- शिक्षामित्रों से रिक्त हुए 137000 सहायक अध्यापकों के पदों पर तत्काल विधि / नियम के अनुसार पदों को भरने के सम्बन्ध में कोर्ट ने दिया निर्देश: देखें आर्डर कॉपी

मंडल के 585 शिक्षामित्रों को नोटिस

वाराणसी : जो shikshamitra विद्यालयों में पढ़ाने की बजाय आंदोलन में शामिल हुए उनको चिन्हित कर उनको नोटिस देने की तैयारी है। मंडल में ऐसे 585 शिक्षामित्रों को चिन्हित कर लिया है उनको प्रशासन नोटिस देने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री के दो दिवसीय वाराणसी दौरे को देखते हुए शिक्षामित्रों की उपस्थिति बनाए रखने को लेकर शासन स्तर पर आदेश जारी किया गया था। सबसे अधिक अनुपस्थित रहने वालों में बनारस व जौनपुर के शिक्षामित्र शामिल हैं। 22 व 23 सितंबर को गैरहाजिर शिक्षामित्रों को नोटिस देने के साथ ही उन पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी है। समायोजन के साथ सामान काम समान वेतन की मांग को लेकर शिक्षामित्र पिछले कई दिनों से आंदोलन पर हैं। शिक्षामित्रों की धरने से बात नहीं बानी तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काशी प्रवास के दौरान घेरने की तैयारी की थी। मगर शिक्षामित्र उसमें भी असफल रहे।

shiksha mitra current news

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.