वित्तविहीन शिक्षकों की जारी होगी सेवा नियमावली

प्रदेश में वित्तविहीन शिक्षकों के लिए सेवा नियमावली जारी होगी। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली समाप्त की जाएगी और छात्रों के पंजीकरण के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया जाएगा। यह घोषणाएं उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने रविवार को सचिवालय में शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में की। वित्तविहीन विद्यालयों को मान्यता देने में अनियमितता की शिकायत पर उन्होंेने तत्काल प्रभाव से विद्यालयों को नयी मान्यता देने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।

सीटीवी विहीन विद्यालय नहीं बनाये जाएंगे परीक्षा केंद्र : बैठक में डा. शर्मा ने कहा कि यूपी बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्र आवंटन ऑनलाइन करने का काम अभी से शुरू हो गया है ताकि परीक्षा केंद्रों का निर्धारण पारदर्शिता से हो सके। क्लोज सर्किट टीवी (सीसीटीवी) कैमरा विहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

वित्तविहीन शिक्षकों का भुगतान आरटीजीएस से : उप मुख्यमंत्री ने वित्तविहीन विद्यालयों में शिक्षकों का वेतन भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला शिक्षकों को ‘चाइल्ड केयर लीव’ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में भ्रष्टाचार मिटाने के लिए उन्होंेने तीन वर्ष से एक ही स्थान पर जमे लिपिकों को स्थानांतरित करने को कहा।

220 दिन हो पढ़ाई : डॉ.शर्मा ने कहा कि यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम को एनसीईआरटी की तर्ज पर निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने शैक्षिक कैलेंडर जारी करने का निर्देश देने के साथ कहा कि शिक्षक संघ व प्रबंध तंत्र विद्यालयों में न्यूनतम 220 दिवस तक पाठ्यक्रम संचालित करने में सहयोग करें। इसमें 200 शिक्षण दिवस पाठ्यक्रम के लिए और शेष 20 दिनों में कमजोर बच्चों को पाठ्यक्रम का अभ्यास कराया जाए। यह भी कहा कि सरकार निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दिशा निर्देश तैयार कर रही है।

पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था में संशोधन : उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों/कर्मचारियों की पेंशन/उपादान/ पारिवारिक पेंशन के प्राविधानों में वेतन समिति उ0प्र0-2016 की संस्तुति के आधार पर संशोधन कर दिया है। यह व्यवस्था उन अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों पर लागू होगी जो एक जनवरी, 2016 या उसके बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। उप मुख्यमंत्री के समक्ष शिक्षक प्रतिनिधियों ने अध्यापकों की कमी, राज्य कर्मचारी की तरह चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने आदि कई मुद्दों को उठाया। साथ ही पाठ्यक्रम में योग, संगीत, नृत्य तथा ध्यान आदि विषयों को शामिल करने की अपील की। बैठक में माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह प्रमुख सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा जितेन्द्र कुमार, माध्यमिक शिक्षा निदेशक एएन वर्मा व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

शिक्षक संघ की ओर से माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, चंदेल गुट के प्रदेश अध्यक्ष चेत नारायण सिंह, उप्र विद्यालय प्रबंधक महासभा के अध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह, उप्र वित्त विहीन शिक्षक महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश द्विवेदी, पांडेय गुट के प्रदेश अध्यक्ष अमर नाथ सिंह, राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष पारसनाथ पाण्डेय के अलावा 13 संघों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।

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