कच्ची गलियां नहीं पक्के मार्ग से बच्चे जाएंगे स्कूल

गोंडा : अब गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे कच्ची गलियों से होकर स्कूल नहीं जाएंगे। ऐसे मार्गो पर खड़ंजा निर्माण कराया जाएगा। यही नहीं जलभराव वाले क्षेत्रों में जलनिकासी के लिए नालियां भी बनाई जाएंगी। इसके लिए प्लान तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। सीडीओ ने कार्य के लिए एक मॉडल प्राक्कलन बनाने के फरमान जारी किए हैं।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार दिया गया है। इसके लिए प्रत्येक गांव में परिषदीय स्कूल खोले गए हैं। प्राथमिक स्कूल में एक से पांच तक व उच्च प्राथमिक स्कूल में छह से आठ तक की पढ़ाई होती है। अधिकांश गांवों को जाने वाला मार्ग कच्चा है। गड्ढ़ेयुक्त मार्ग से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में जलभराव होने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं।

बच्चे कीचड़युक्त मार्ग से होकर जाते हैं तो कुछ पढ़ाई छोड़ देते हैं। गांव के भीतर संपर्क मार्ग निर्माण की जिम्मेदारी पंचायतों के हवाले है। सीडीओ ने अब ऐसे स्कूल जिनके मार्ग कच्चे हैं, वहां खड़ंजा निर्माण कराने का फैसला किया है। यही नहीं जलभराव वाले क्षेत्रों में जलनिकासी के लिए नालियां भी बनाई जाएंगी। इसके लिए मॉडल प्राक्कलन तैयार कराया जा रहा है।

तीन योजनाओं का पैसा होगा खर्च  गांवों में खड़ंजा व नाली निर्माण पर तीन योजनाओं का पैसा खर्च होगा। पंचायतीराज विभाग द्वारा संचालित चतुर्थ राज्य वित्त आयोग व चौदहवें वित्त आयोग की संस्तुति पर आवंटित पैसे से सामग्री खरीद की जाएगी। जबकि मजदूरी का पैसा मनरेगा योजना से खर्च किया जाएगा।

गोंडा: माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री विनय कुमार शुक्ल ने शिक्षक समस्याओं को लेकर मंडलायुक्त को संबोधित 14 सूत्रीय ज्ञापन अपर एसडीएम राम सजीवन मौर्य को सौंपा। उन्होंने डीआइओएस कार्यालय में फंड से कर्ज लेने पर लिपिक द्वारा अवैध वसूली किए जाने की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखाकार 15 वर्ष से एक ही जिले में कार्यरत है और अध्यापकों से वसूली करते हैं।

इसके अलावा अवैध रूप से कार्यालय में कार्य कर रहे लिपिक पर कार्रवाई किए जाने, वर्ष 2013 में 139 परीक्षकों को पारिश्रमिक दिलाए जाने, गांधी विद्यालय इंका रेलवे कालोनी में मातृ सोसाइटी का पुनर्गठन कराए जाने, तदर्थ शिक्षकों को विनियमितीकरण कराए जाने की मांग की है।

गांवों में स्कूलों को जाने वाले कुछ मार्ग कच्चे हैं। यहां बारिश के मौसम में कीचड़ होने से बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कतें होती हैं। ऐसे मार्गों पर खड़ंजा व नाली निर्माण कराया जाएगा। कार्ययोजना व मॉडल प्राक्कलन तैयार कराया जा रहा है।-दिव्या मित्तल, सीडीओ गोंडा

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