यूपीपीएससी की कार्यशैली पर फिर उठे सवाल

प्रयागराज : परीक्षाओं और परिणाम में तेजी लाकर एक तरफ तो उप्र लोक सेवा आयोग यानी यूपीपीएससी अभ्यर्थियों का भरोसा जुटाने की कोशिश में है तो वहीं एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का परिणाम रोक कर प्रदेश शासन की किरकिरी भी करा रहा है। अभ्यर्थियों में इसलिए भी विरोध के स्वर तेज हो रहे हैं क्योंकि इस बड़ी परीक्षा के परिणाम पर न तो यूपीपीएससी का आश्वासन पूरा हो रहा है, न ही शासन का वादा।

यूपीपीएससी ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों के 10768 पद भरने के लिए 29 जुलाई को परीक्षा कराई थी और पिछले साल ही इसका दावा किया था कि परिणाम जारी कर दिसंबर तक सभी चयनितों की संस्तुति भेज दी जाएगी। यह दावा तब हुआ था कि विभिन्न याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट से हुए आदेशों पर अमल की तैयारी भी चल रही थी। उत्तर पुस्तिकाओं यानी ओएमआर शीट की जांच स्कैनिंग मशीन से हुई।

लेटलतीफी होने पर अभ्यर्थियों ने विरोध जताना शुरू किया तो यूपीपीएससी ने 20 से 24 दिसंबर के बीच कुछ विषयों के परिणाम जारी कर देने का एक और वादा किया। इस वादे पर भी यूपीपीएससी खरा नहीं उतर सका। अब अभ्यर्थियों के संगठन माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड प्रतियोगी मोर्चा ने पक्षपात का आरोप लगाकर बेमियादी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

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