राजकीय कॉलेजों में सीसीटीवी लगाने की तैयारी, राजकीय बालिका विद्यालयों में एक माह में लगाएं वाटर प्यूरीफायर

इलाहाबाद : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2018 में हर केंद्र को सीसीटीवी लगाना अनिवार्य किया गया है। अशासकीय और वित्त विहीन कालेज सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्रबंध कर चुके हैं। वहीं, राजकीय बालक व बालिका कालेजों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए बजट का इंतजाम किया जाना है। यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव से इससे शासन को अवगत कराया है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की 2018 में होने वाली परीक्षा तैयारियां इन दिनों तेजी से चल रही हैं। सभी कालेजों में परीक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों का ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। बोर्ड सचिव ने उस पर 25 सितंबर तक आपत्तियां मांगी हैं। रिपोर्ट में प्रदेश के 2100 राजकीय बालक व बालिका हाईस्कूल व इंटर कालेजों में सीसीटीवी कैमरा न होने की भी सूचना दर्ज है। इसकी वजह इसके लिए अलग से बजट न होना है। ज्ञात हो कि पहले की परीक्षाओं में भी कालेजों से सीसीटीवी कैमरा लगवाने का निर्देश हुआ था, तब भी बजट की समस्या सामने आई थी। हालांकि पिछली बार की परीक्षा में कैमरा अनिवार्य न होने से इम्तिहान हो गया, लेकिन इस बार शासन की मंशा है कि नकल पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में परीक्षा कराई जाए। ऐसे में बोर्ड सचिव ने शासन को इससे अवगत कराया है।

सचिव नीना श्रीवास्तव ने राजकीय कालेजों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए करीब दस करोड़ रुपये का खर्च आने का भी जिक्र किया है और यह जल्द मुहैया कराने का अनुरोध किया गया है। उम्मीद है कि बोर्ड सचिव के प्रस्ताव पर शासन जल्द ही अमल करेगा। परीक्षा के लिए अभी नीति भी शासन ने जारी नहीं की है, यह धन नीति जारी होने के साथ ही आवंटित होने की उम्मीद है। अगले माह से केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होने के पूरे आसार हैं।

परीक्षा केंद्रों के बाथरूम भी होंगे सख्त पहरे में

राब्यू, इलाहाबाद : आगामी 24 सितंबर को होने वाली सम्मिलित राज्य/ प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्री) परीक्षा 2017 में लोक सेवा आयोग इस बार परीक्षा केंद्रों के बाथरूम पर भी पहरा बैठाएगा। आयोग किसी भी सूरत में परीक्षा की शुचिता बनाए रखने की कोशिश में है। पहली बार लागू कई नियम लागू किए गए हैं। नए नियम के मुताबिक परीक्षा केंद्र में बाथरूम के बाहर कम से कम एक सशस्त्र गार्ड और कार्मिक की तैनाती की जाएगी। जो बाथरूम में भीड़ न एकत्र होने दें और यह भी देखें कि कोई भी परीक्षार्थी प्रश्नपत्र लेकर बाथरूम में न आया हो।

इसके अलावा परीक्षा के प्रथम व द्वितीय सत्र के प्रश्न पत्रों के खोले जाने और परीक्षा संपन्न होने पर ओएमआर शीट (उत्तर पत्रक) को सील करने के समय वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसे मेमोरी कार्ड पर रिकार्ड कर एक सील्ड लिफाफे में रखकर आयोग के सहायक पर्यवेक्षक को उपलब्ध कराएंगे। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान और परीक्षा कक्ष में भी शत प्रतिशत तलाशी व परीक्षा संपन्न होने पर ओएमआर शीट की एक कॉपी परीक्षार्थी को साथ ले जाने देने की व्यवस्था भी आयोग ने पहली बार करने जा रहा है। मैनपुरी केंद्र इस बार भी : उप्र लोक सेवा आयोग इस बार भी 21 जिलों में परीक्षा कराएगा। पहले यह इलाहाबाद समेत 20 जिलों में होती थी। 2015 में मैनपुरी को पहली बार शामिल किया गया था।

राजकीय बालिका विद्यालयों में एक माह में लगाएं वाटर प्यूरीफायर

इलाहाबाद : राजकीय बालिका विद्यालयों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ा निर्देश दिया है। कहा गया है कि प्रदेश के सभी राजकीय बालिका विद्यालयों में एक महीने के भीतर वाटर प्यूरीफायर मशीन लगाई जाए। एक महीने में अगर मशीनें स्कूल में न लगाई गईं तो जिलाधिकारी कार्यालय में लगी आरओ मशीन, बालिका विद्यालयों में शिफ्ट कर दी जाएं। कोर्ट ने राज्य सरकार से अनुपालन रिपोर्ट 24 अक्टूबर को तलब की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन व न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने विनोद कुमार की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

कोर्ट का कहना है कि शुद्ध पानी पीना संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार में शामिल है। कोर्ट ने राजकीय बालिका कालेजों में बिजली कनेक्शन व शौचालय की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है।1कई जिलों के जिलाधिकारी ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि बजट न होने के कारण कालेजों में आरओ नहीं लग पा रहे हैं। बजट मिलते ही कार्यवाही की जाएगी।

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