स्वेटर बांटने का जिम्मा अब स्कूलों को

लखनऊ : परिषदीय स्कूलों के बच्चों को स्वेटर बांटने में टेंडर को लेकर हो रही किरकिरी के बाद विभाग ने अपने कदम वापस खींचते हुए स्कूलों को यह जिम्मेदारी दे दी है। अब स्कूलों में गठित समितियां स्वेटरों की खरीद कर उनका वितरण करेंगी। छह जनवरी से वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग ने बुधवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया। हालांकि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जबकि आधा जाड़ा बीत चुका है और पूरे प्रदेश में शीत लहर चल रही है।

पढ़ें- स्कूलों में दम तोड़ रही दूध वितरण योजना

200 रुपये में खरीदे जाएंगे स्वेटर :

अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि स्वेटरों का वितरण तीस दिन के भीतर कर दिया जाए। इसका मूल्य दो सौ रुपये से अधिक नहीं होगा। खरीद के लिए विद्यालय प्रबंध समिति एक क्रय समिति बनाएगी। प्रबंध समित का अध्यक्ष, प्रधानाध्यापक, ग्राम पंचायत, नगर पंचायत या निगम द्वारा नामित सदस्य और एक अभिभावक समिति के सदस्य होंगे। यह समिति स्वेटरों की संख्या और उनके नाप का निर्धारण करेगी। एक लाख से अधिक का अनुमानित व्यय होने पर टेंडर प्रक्रिया से क्रय किया जाएगा।

पढ़ें- स्कूली बच्चों को स्वेटर आपूर्ति में फिर फंसा पेच

मैरून रंग का होगा स्वेटर :

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक के डेढ़ करोड़ बच्चों को स्वेटर का वितरण किया जाना है। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि इसका रंग मैरून होगा। क्रय समिति कोटेशन के साथ ही सैंपल भी। कक्षावार इसके साइज भी तय किए गए हैं। कक्षा एक और दो के लिए शार्ट, तीन एवं चार के लिए मीडियम, पांच और छह के लिए लार्ज और कक्षा सात व आठ के लिए एक्स्ट्रा लार्ज साइज तय किया गया है।

पढ़ें- दिसंबर आ गया लेकिन बच्चों को अब तक नहीं मिले स्वेटर

डीएम की अध्यक्षता में समिति करेगी निगरानी :

जिलों में बच्चों को स्वेटर वितरण की निगरानी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। इसमें सीडीओ, जिलाधिकारी द्वारा नामित एसडीएम, महाप्रबंधक उद्योग विभाग, मुख्य कोषाधिकारी सदस्य एवं बीएसए सचिव होंगे। समित यह सुनिश्चित करेगी कि तीस दिन के भीतर स्वेटर का वितरण हो जाए।

parishadiya school responsible to distribute sweaters

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *