UPTET 2017 में सिलेबस के बाहर पूछे गए प्रश्न – प्रदीप पाल

मित्रों, जैसा कि योगी सरकार ने TET 2017 की परीक्षा दिनांक 15 अक्टूबर को सम्पन्न करा के, अपने सफल आयोजन का ढिंढोरा पीट रही हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि प्राथमिक स्तर में लगभग पांच प्रश्नों का उत्तरमाला विवादास्पद है और पर्यावरण खण्ड में कई प्रश्न दिये गए पाठ्यक्रम के विपरीत हैं अर्थात पाठ्यक्रम के बाहर से पूछा गया है, जो संवैधानिक दृष्टिकोण पूर्णतया अवैध हैं, जिस कारण से परीक्षा में प्रतिभाग लगभग 20 फीसदी परीक्षार्थी 7-8 अंक से अनुत्तीर्ण हो रहे हैं.

पर्यावरण में, सीरीज बी के क्रम में, जो पाठ्यक्रम से बाहर का प्रश्न पूछा गया है, वह निम्नांकित है

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कितने स्थायी सदस्य है?
  • किस देश के संविधान से मौलिक कर्तव्यों को लिया गया है
  • एक वयस्क मानव में कुल अस्थियों की संख्या कितनी होती है?
  • प्रजातियों की उत्पत्ति एक रचना हैं
  • अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय अवस्थित है
  • संविधान सभा ने राष्ट्रीय गान को कब अपनाया
  • पुष्कर मेला कहाँ आयोजित किया जाता है?

अतएव मित्रों, उक्त परीक्षा में लगभग पांच प्रश्न विवादास्पद है एवं सात प्रश्न पाठ्यक्रम के बाहर से लिया गया है.. जो कि नियमतः अवैध है

उक्त दृष्टिकोण से 12 प्रश्नों पर नियमतः सभी परीक्षार्थी को समान अंक मिलना चाहिए.. इसप्रकार यदि उत्तीर्ण होने से वंचित 12 अंक हमारे शिक्षामित्र साथियों को मिल जाये तो, लगभग 20,000/- शिक्षामित्र टीईटी -2017 में उत्तीर्ण हो जाएगे. यदि माननीय इलाहाबाद हाई कोर्ट में उक्त के सम्बन्ध में याचिका दाखिल होगी तो, निश्चित ही, हमारे बहुतायत शिक्षामित्र, जो बार्डर पर पहुंच करके, उत्तीर्ण होने हेतु परेशान व चिंतित है, लाभान्वित हो सकते हैं.

उक्त स्थिति को देखते हुए संगठन ने उक्त प्रकरण को लेकर माननीय इलाहाबाद हाई कोर्ट तक ले जाने के लिए गम्भीरतापूर्वक विचार कर रहा है. यदि उत्तीर्ण होने से वंचित साथी, उक्त प्रस्तावित कदम से सहमत हो तो, संगठन याचिका दाखिल करने के लिए तैयार है.

उक्त जानकारी के साथ
जय महाकाल
प्रदीप पाल
जिला मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोशिएन, इलाहाबाद

पढ़ें- UPTET 2017 की उत्तरमाला में दो जवाब गलत होने का दावा

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