आरक्षी के एक लाख पदों पर होगी भर्ती – योगी सरकार

लखनऊ : कैबिनेट फैसले के बाद प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि आरक्षी के एक लाख एक हजार पद रिक्त हैं। इसे सरकार ने तीन वर्ष में पूरा करने का फैसला किया है। जल्द ही बोर्ड भर्ती की प्रक्रिया शुरू करेगा और पहले चरण में 30 से 35 हजार आरक्षी की भर्ती की जाएगी। नई भर्ती के लिए ट्रेनिंग की भी बेहतर व्यवस्था बनाई जा रही है। बोर्ड भर्ती परीक्षा को कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा प्रणाली के द्वारा आयोजित करने पर अपने स्तर से फैसला कर सकता है।

शारीरिक परीक्षा के अंक समाप्त: अखिलेश सरकार ने लिखित परीक्षा समाप्त कर हाई स्कूल और इंटर की परीक्षा और शारीरिक परीक्षा के आधार पर अंक निर्धारित किए थे। तब हाई स्कूल के लिए अधिकतम सौ, इंटर के लिए दो सौ और शारीरिक परीक्षा के लिए 200 अंक निर्धारित थे। सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब सभी अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा पास करनी होगी। इसी आधार पर मेरिट बनेगी। इसके लिए न्यूनतम अंक तय नहीं किए गए हैं। यह भर्ती बोर्ड ही तय करेगा कि कितने प्रतिशत लोगों को शारीरिक परीक्षा के लिए बुलाना है। अखिलेश सरकार ने बिना लिखित परीक्षा के 33 हजार अभ्यर्थियों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।

दौड़ की समयावधि घटाई : नए प्रस्ताव में सिपाहियों की भर्ती के लिए दौड़ की समयावधि घटा दी गई है। पहले पुरुष को 27 मिनट में 4.8 किलोमीटर और महिला को 16 मिनट में 2.4 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी थी। अब इसमें बदलाव करते हुए पुरुष संवर्ग को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 25 मिनट और महिला को 2.4 किलोमीटर की दौड़ 14 मिनट में पूरी करनी होगी। निर्धारित अवधि में दौड़ पूरी करने वाले अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा में उत्तीर्ण माने जाएंगे।

300 अंकों की होगी परीक्षा : पुलिस आरक्षी की लिखित परीक्षा 300 अंकों की होगी। आब्जेक्टिव रिटेन टेस्ट में निगेटिव मार्किंग भी होगी। इसका अनुपात भर्ती बोर्ड तय करेगा। पुरुष संवर्ग के लिए 18 से 22 वर्ष की आयु जबकि महिला के लिए 18 से 25 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। इसके लिए उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को अधिकृत कर दिया गया है।

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