LT Grade शिक्षक भर्ती पर अफसर मौन

इलाहाबाद : प्रदेश के राजकीय माध्यमिक कालेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती अधर में अटकी है। तय समय में ऑनलाइन आवेदन लिए जा चुके हैं। हालांकि जनवरी में वेबसाइट में गड़बड़ी होने से तमाम अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सके हैं। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा है। राज्य स्तर पर पहली बार हो रही इस भर्ती में भी चयन मेरिट से किया जाना है। प्रतियोगियों का एक वर्ग परीक्षा कराने पर अड़ा है। इस भर्ती में कई विवाद होने से पूरा प्रकरण अफसरों ने शासन को सौंप दिया है, अब वहां से आदेश मिलने पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

सूबे के राजकीय माध्यमिक कालेजों में 9342 एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया बीते वर्ष शुरू हुई। शासनादेश जारी होने के बाद 26 दिसंबर 2016 से ऑनलाइन आवेदन लिए गए, यह प्रक्रिया 26 जनवरी की मध्यरात्रि तक जारी रही। शिक्षा निदेशालय पहली बार प्रदेश स्तर पर यह भर्ती करा रहा है। इसके पहले यह भर्ती मंडल स्तर पर होती रही है। शासन ने भर्ती का स्तर का बदलने के अलावा कोई अन्य बदलाव नहीं किया। मसलन, अब भी नियुक्तियां मेरिट के आधार पर होंगी। निदेशालय ने ऑनलाइन आवेदन लेने का काम एनआइसी के बजाए यूपी डेस्को को सौंपा।

युवाओं का कहना है कि वेबसाइट में गड़बड़ी के कारण ऑनलाइन आवेदन करने में बहुत कठिनाई हुई। पहले कई दिनों तक पंजीकरण व आवेदन नहीं हो पा रहा था। शिकायत करने पर उसे दुरुस्त किया गया। सबसे अधिक समस्या आवेदन की अंतिम तारीखों में सामने आई। कई जिलों में वेबसाइट खुल ही नहीं सकी। इसकी शिकायत निदेशालय में की गई, लेकिन उसकी अनसुनी हुई। इसीलिए आवेदन पूरे होने के एक सप्ताह बाद यूपी डेस्को ने विभाग को पूरी रिपोर्ट सौंपी है। 1इसमें कुल पांच लाख 91 हजार 625 अभ्यर्थियों ने दावेदारी की है। विषयवार रिपोर्ट में सामाजिक विज्ञान में ही एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसके बाद हंिदूी और अंग्रेजी में भी ऐसा ही हाल है। हर विषय की हर सीट पर साठ से अधिक दावेदार हैं।

वेबसाइट ठीक से न चलने के कारण आवेदन न कर पाने वाले अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस वजह से अफसरों के दोबारा वेबसाइट खोलने पर चर्चा शुरू हुई। वहीं, कुछ अफसर काउंसिलिंग कराने के लिए मेरिट बनवाने में लगे रहे।

इसी बीच नई सरकार के निर्देश पर सभी विभागों की भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई। उसी परिपेक्ष्य में एलटी ग्रेड भर्ती भी अटकी है। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक रमेश ने बताया कि दोबारा वेबसाइट खोलने, मेरिट या फिर परीक्षा कराने जैसे प्रकरण अब शासन को तय करना है। भर्ती का पूरा मामला सौंप दिया गया है। शासन के निर्देश के बाद ही आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी।

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