69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती में मेरिट से समझौता नहीं

लखनऊ : हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में राज्य सरकार ने मंगलवार को अपना जवाब दाखिल कर दिया और कोर्ट से परीक्षा परिणाम पर स्टे को खारिज करने की मांग की है। कोर्ट ने सरकार के जवाब को रिकॉर्ड पर लेकर मामले की सुनवाई बुधवार को जारी रखने का आदेश दिया है। इस बीच कोर्ट ने अंतरिम आदेश भी बढ़ा दिया। कोर्ट ने याचियों की ओर से सरकार के जवाब के खिलाफ दाखिल प्रतिउत्तर शपथपत्र को भी रिकॉर्ड पर लिया। सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत चंद्रा केस की पैरवी कर रहे हैं।

जस्टिस राजेश सिंह चौहान की बेंच ने मोहम्मद रिजवान आदि की ओर से दाखिल याचिकाओं की सुनवाई कर रही हैं। सरकार ने अपने जवाब में लिखित परीक्षा के बाद क्वालिफाइंग अंक तय करने के निर्णय को सही करार दिया। सरकार ने कहा है कि उसकी मंशा है कि अच्छे अभ्यर्थियों का चयन हौ। सरकार ने यह भी कहा कि 25 जुलाई 2017 केा सुप्रीम कोर्ट ने करीब एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों की सहायक शिक्षकों के रूप में नियुक्ति को रद करते हुए उन्हें दो बार भर्ती में वेटेज देने की जो बात कही है।

इसका मतलब यह कतई नहीं कि मेरिट से समझौता किया जाए। सरकार ने अपने जवाब में यह भी कहा कि सहायक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पूर्व में हुई परीक्षा में एक लाख सात सौ अभ्यर्थी शामिल हुए थे जबकि इस बार 6 जनवरी 2019 को हुई परीक्षा में चार लाख दस हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों के शामिल होने के कारण क्वाॅलिफाइंग अंक नियत करना आवश्यक हो गया था।

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