ढाबों व पंचर की दुकानों पर न दिखे कोई बच्चा

बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल ने सर्वशिक्षा अभियान के तहत हर बच्चे का स्कूल में नामांकन कराकर विद्यालय में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। शनिवार को योजना भवन में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित नहीं रह जाए। कोई भी बच्चा पंचर बनाने की दुकानों या ढाबों पर या कहीं और काम करते हुए नहीं दिखे, यही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

मंत्री ने कहा कि जुलाई से हर बच्चा नई यूनिफॉर्म और किताबों के साथ ही स्कूल जाना चाहिए। उन्होंने हर हाल में जुलाई तक परिषदीय स्कूलों के बच्चों का आधार नामांकन पूरा करने का निर्देश दिया जिससे कि वास्तविक छात्र संख्या का पता चल सके। स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के साथ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अध्यापक पूरे समय पढ़ायें। मिड-डे मील की गुणवत्ता की निगरानी के लिए गठित ‘मां’ समितियों के सदस्यों का नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा विद्यालय के नाम सहित पूरी सूची बनाने का निर्देश दिया। इन समितियों का भौतिक सत्यापन भी कराने के लिए कहा ताकि वे कागजों में ही न सिमट जाएं।

समिति के सदस्यों को 15 से 31 जुलाई तक प्रशिक्षण देने का भी निर्देश दिया। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी उन्होंने बल दिया। उन्होंने 11 मार्च 2016 के बाद स्थानांतरित, निलंबित और बहाल किये गए शिक्षकों की जानकारी भी बेसिक शिक्षा निदेशक को उपलब्ध कराने के लिए कहा। स्कूलों में छात्र संख्या और शिक्षा के अधिकार कानून के अनुसार शिक्षकों के पदस्थापन करने का निर्देश दिया।

खंड शिक्षा अधिकारियों और जिलों में तैनात विभाग के लिपिकीय कर्मचारियों जल्दी से जल्दी करने के लिए कहा। स्कूलों को मान्यता दिये जाने के लंबित मामलों को निस्तारित करने पर भी उनका जोर था। लिपिकीय कर्मचारियों के देयों का तुरंत भुगतान करने और न्यायालय में लंबित मामलों में समय से शपथपत्र जारी करने के लिए कहा। मंडलीय समीक्षा बैठक को 25 जून तक पूरा करने का निर्देश देने के साथ बताया कि फैजाबाद, वाराणसी, गोरखपुर व मेरठ की समीक्षा बैठक वह खुद करेंगी।

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