नीति के तहत आवेदन भरपूर शिक्षक तबादलों से दूर

तमाम व्यंजनों युक्त थाली परोसकर आए, लेकिन भोजन का स्वाद न मिल पाने वाले शख्स का अंदाजा लगाइये। कुछ ऐसी ही मोनोदसा से बेसिक शिक्षा परिषद् के शिक्षक जूझ रहे है। इस बार शासन ने शिक्षकों के समायोजन, जिले के अंदर फेरबदल व अंतर जिला तबादले तीन चरणों में कराने का निर्देश दिया। समय पर तबादला निति जारी हुई और जिले की अंदर तबादलों के लिए 78 से अधिक शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन भी किया, लेकिन सारी प्रक्रिया जहा की तहा ठप है।

बेसिक शिक्षा परिषद् के प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में समायोजन व जिले के अंदर तबादलों पर अभी कोर्ट की भी रोक है। इसकी सुनबाई 25 अक्टूबर को होनी है, संभव है कि तबादलों से स्थगनादेश वापस हो जाए, लेकिन फिर भी समायोजन व तबादले होने के आसार नहीं है। इसकी वजह यह है कि कोर्ट की सुनबाई के ठीक दो दिन बाद नगर निगम के चुनाव की अधिसूचना जारी होनी है। ऐसे में स्कूलों में पठन पठान माहौल बनाने के सारे दावों पर पानी फिरता नजर आ रहा है विद्यालों में शिक्षकों का असंतुलन है। जिले में मुख्य मार्ग के करीब के स्कूलों में छात्र संख्या से अधिक है तो रिमोट एरिया के स्कूल एकल है।

इस सत्र में आई रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 6 हज़ार अधिक स्कूल एकल है, वही विद्यालों में छात्र शिक्षक अनुपात में 65 हज़ार से अधिक अतिरिक्त शिक्षक है। शासन के निर्देश पर परिषद ने जिले हर के स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती दुरुस्त करने के लिए समायोजन का आदेश जारी किया। इसके लिए तीन जोन बनाये गए है।

यह प्रक्रिया ऑफलाइन शुरू हुई है। लेकिन तबादला नीति में उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित को लेकर स्पष्ट निर्देश ना आधार पर न्यायालय ने समायोजन व तबादले पर रोक लगा दी थी हलाकि शासन तबादला निति के बाद विज्ञान व गणित शिक्षाओकोन शिक्षकों को समायोजन में ना हटाने का आदेश कर चुका है ।

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