सॉल्वर गैंग का मुख्य आरोपी सिपाही अरुण सिंह, क्या है ‘1700’ का राज

लखनऊ : सॉल्वर गैंग का मुख्य आरोपित सिपाही अरुण सिंह के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई तय है। एसएसपी के मुताबिक आरोपित ने पुलिस विभाग की छवि खराब की है। सिपाही को निलंबित कर दिया गया है और बर्खास्तगी के लिए पत्र लिखा जा रहा है। अरुण का भाई अजय मेरठ में भूगर्भ जल अधिकारी के पद पर तैनात है।

एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में अरुण ने बताया कि अजय अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक करवाता है। इसके जरिए वह परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूलता है। पूर्व में अजय इस गिरोह को संचालित करता था, जिसने कई परीक्षाओं में धांधली कराकर करोड़ों रुपये कमाए हैं। नेशनल इंटर कॉलेज से पकड़े गए सभी नौ आरोपितों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एफआइआर दर्ज की गई है।

कोचिंग चलाता था अजय : आरोपित सिपाही का भाई अजय कपूरथला में कोचिंग चलाता था, जहां से उसे प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने और लोगों को पास कराने की जानकारी मिली थी। अजय नौकरी मिलने के बाद मेरठ चला गया था। एसटीएफ और राजधानी पुलिस की संयुक्त टीमें अजय की तलाश कर रही हैं। माना जा रहा है कि अजय के पकड़े जाने के बाद कई बड़ी मछलियां भी शिंकजे में आएंगी।

क्या है ‘1700’ का राज: अरुण के घर में चार चारपहिया वाहन हैं। सभी के नंबर 1700 हैं। यही नहीं अरुण के मोबाइल नंबर का आखिरी चार अंक भी यही हैं। माना जा रहा है कि एसटीएफ अब आरोपितों की संपत्ति के बारे में भी जानकारी जुटाएगी। आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिलने पर आरोपितों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ अजय और अरुण की नौकरी की जांच कर यह पता लगाएगी कि दोनों ने धांधली के जरिए तो सर्विस हासिल नहीं की थी।

सॉल्वर गैंग एसटीएफ की हिरासत में

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