माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड की उत्तरमाला पर सवाल

पिछले महीने 26 जुलाई को माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड इलाहाबाद द्वारा टीजीटी संस्कृत विषय 2011 के घोषित परिणाम और उत्तरमाला के चार प्रश्नों की विसंगति पर रविवार को छात्रों ने बैठक की। बोर्ड द्वारा प्रश्नों के माने गए उत्तर को गलत बताते हुए छात्रों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और चयन बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र भेजकर आपत्ति जताई। पहली उत्तरमाला फरवरी में जारी हुई थी।

ईश्वर शरण डिग्री कालेज में हुई बैठक में दर्जन भर छात्र मौजूद रहे। इन्होंने चार प्रश्नों की सही उत्तरमाला जारी करवाने की मांग की।

प्रश्न संख्या 19 का जिक्र करते हुए छात्रों ने कहा कि महमूद गजनवी ने भारत पर आक्रमण धन संपदा लूटने और मंदिरों व मूर्तियों को नष्ट करने के लिए किया था, जिसका ‘ए’ विकल्प सही था। जबकि बोर्ड ने दोबारा अपनी उत्तरमाला में इसका ‘डी’ विकल्प सही माना जिसमें महमूद गजनवी के लिए बताया गया है कि उसने इस्लाम धर्म के प्रचार प्रसार और साम्राज्य विस्तार के लिए भारत पर आक्रमण किया था। इस पर छात्रों ने कहा कि इस गलत उत्तर को चयन बोर्ड सही मान रहा है।

प्रश्न संख्या 101 का भी जिक्र करते हुए छात्रों ने कहा कि समानाधिकरण तथा व्यधिकरण तत्पुरुष समास का भेद है, पहले चयन बोर्ड ने इसे सही माना। उत्तरमाला में ‘सी’ विकल्प बहुब्रीहि को चयन बोर्ड ने सही माना जो कि पूर्णत: गलत है।

प्रश्न संख्या 21 और 106 के चयन बोर्ड द्वारा माने गए उत्तर को भी छात्रों ने गलत बताया। बुकलेट सीरीज ‘बी’ में प्रश्न संख्या 122 के सही विकल्प ‘बी’ की बजाय चयन बोर्ड ने विकल्प ‘डी’ को सही माना है। इस पर भी छात्रों ने आपत्ति जताई।

प्रगति कुमार मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्रों ने सामूहिक रूप से पत्र तैयार कर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष के नाम भेजा। इस दौरान डॉ. विजेंद्र बहादुर सिंह, अरुण त्रिपाठी, संतोष मिश्र, विनोद द्विवेदी, राकेश सरोज, तेज बहादुर यादव आदि छात्र शामिल रहे।

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