LT Grade शिक्षकों व प्रवक्ताओं की कमी से निपटने का रास्ता तलाशा

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों और इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी से निपटने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ाने वाले अध्यापकों को इसके लिए प्रतिनियुक्ति पर लेने का इरादा है। शासन स्तर पर इस बारे में सहमति बन चुकी है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव पर अनापत्ति दे दिये जाने के बाद अब उसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है।

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों और इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड शिक्षक के 9437 और प्रवक्ता के लगभग 2600 पद खाली हैं। सरकार की मंशा है कि एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षा के माध्यम से करायी जाए। इसके लिए नियमावली में संशोधन करना होगा। नियमावली में संशोधन के बाद परीक्षा कराकर शिक्षकों की भर्ती में समय लगेगा। उधर परिषदीय स्कूलों में सरप्लस शिक्षक हैं।

परिषदीय स्कूलों में विशिष्ट बीटीसी चयन और 72,825 शिक्षकों की भर्ती के जरिये बड़ी संख्या में स्नातक और बीएड अर्हताधारी अभ्यर्थी शिक्षक नियुक्त किये गए हैं। ऐसे शिक्षकों की संख्या भी अच्छी खासी है जो परास्नातक और बीएड हैं। वहीं एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए शैक्षिक अर्हता जहां स्नातक और बीएड है जबकि प्रवक्ता के लिए परास्नातक और बीएड।

इसलिए शासन स्तर पर यह सहमति बनी है कि परिषदीय स्कूलों के जो शिक्षक एलटी ग्रेड और प्रवक्ता की शैक्षिक अर्हता रखते हों, यदि वे चाहें तो इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति पर आ सकते हैं। प्रतिनियुक्ति पर आने वाले शिक्षक राजकीय माध्यमिक विद्यालय और इंटर कॉलेजों में पढ़ाएंगे। फिलहाल परिषदीय शिक्षकों को एक से अधिकतम दो वर्ष तक प्रतिनियुक्ति पर लेने का इरादा है।

यह मानते हुए कि तब तक एलटी ग्रेड शिक्षकों और प्रवक्ताओं की भर्ती हो जाएगी। शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जिला स्तर पर ही होगी। परिषदीय शिक्षकों को इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के सामने आवेदन करना होगा। समिति उनकी शैक्षिक अर्हता का परीक्षण व अन्य औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात करेगी।

यदि आवेदन करने वाले परिषदीय शिक्षकों की संख्या जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों से ज्यादा होगी, तो अतिरिक्त शिक्षकों को उसी मंडल के अन्य जिले में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाएगा। इसके लिए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में समिति होगी जो ऐसे शिक्षकों के आवेदनों पर विचार करेगी। प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने पर परिषदीय शिक्षकों को उनके मूल विद्यालय में भेजा जाएगा।

यदि समुचित संख्या में परिषदीय शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर नहीं उपलब्ध होते हैं, तो माध्यमिक शिक्षा विभाग राजकीय और अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के रिटायर्ड शिक्षकों की सेवाएं लेगा जिन्हें इसके लिए मानदेय दिया जाएगा।

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