नियमों में बदलाव के भंवर में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती नियमों में बदलाव के भंवर में फंसी हुई है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए एक बार फिर अखिलेश सरकार के फैसले को पलटने पर विचार चल रहा है। यदि अखिलेश सरकार का फैसला बदला गया तो एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए राज्यस्तरीय लिखित परीक्षा अनिवार्य हो सकती है।

शासन ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों के 6645 पदों पर भर्ती के लिए 29 अक्टूबर 2014 को शासनादेश जारी किया था। तब इस भर्ती के लिए अभ्यर्थियों से मंडल स्तर पर आवेदन मांगे जाने की व्यवस्था थी। एक ही अभ्यर्थी द्वारा कई मंडलों में आवेदन करने के कारण मेरिट सूचियों में लगातार तब्दीलियां होती रहीं। ऊपर से जिन अभ्यर्थियों का नाम चयन सूची में आया थी, उनमें से बड़ी संख्या में ऐसे भी थे जिनके अंकपत्र जांच में फर्जी पाये गए। लिहाजा दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद लगभग 2100 पदों पर ही चयन हो पाया। चयन की इन दुश्वारियों को देखते हुए ही अखिलेश सरकार ने 2016 में नियमावली में संशोधन करने का फैसला किया था।

उस वक्त माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राजय स्तरीय परीक्षा के आधार पर एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती की सिफारिश करते हुए नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भेजा था। विभाग ने यह प्रस्ताव इसलिए भेजा था क्योंकि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों के अंकपत्र फर्जी पाये गए थे। चुनाव का साल होने के कारण उस वक्त पंचम तल (मुख्यमंत्री कार्यालय) के अफसरों को शिक्षकों का चयन परीक्षा के आधार पर करने का सुझाव नहीं सुहाया। लिहाजा यह भर्ती मंडल की बजाय राज्य स्तरीय मेरिट पर करने के लिए नियमावली में संशोधन किया गया।

राज्य स्तरीय मेरिट के आधार पर एलटी ग्रेड शिक्षकों के 9342 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए दिसंबर 2016 को शासनादेश और उसके तुरंत बाद विज्ञापन जारी हुआ था। इनमें से 4463 पद पुरुष और 4889 महिला शाखा के हैं। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए लगभग छह लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। विधानसभा चुनाव के कारण चयन प्रक्रिया रुक गई और चुनाव के नतीजे आने के बाद सूबे में भाजपा सरकार सत्तारूढ़ हुई।

योगी सरकार के सत्ता संभालने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शासन से पूछा है कि एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए क्या प्रक्रिया अपनायी जाए। सूत्रों के मुताबिक शिक्षक भर्ती के लिए फिलहाल शासन स्तर पर दो विकल्पों पर विचार हो रहा है। एक विकल्प तो यह है कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती दिसंबर में जारी शासनादेश और विज्ञापन के मुताबिक राज्य स्तरीय मेरिट के आधार पर करायी जाए। वहीं दूसरा विकल्प यह है कि भर्ती लिखित परीक्षा के आधार पर हो। यदि सरकार भर्ती लिखित परीक्षा के आधार पर कराने का फैसला करती है तो नियमावली में फिर संशोधन करना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *