शिक्षकों की कमी पर तालाबंदी

नारनौल : शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर गांव भूषणकलां हाई स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते बृहस्पतिवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट पड़ा। ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया और सुबह साढ़े सात बजे से लेकर साढ़े नौ बजे तक दो घंटे रोष प्रदर्शन किया। तालाबंदी की सूचना मिलने के बाद डीईईओ मदनलाल भाटिया व प्राध्यापक विकास जयदीप मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर स्कूल का ताला खुलवाया। इसके बाद ही विद्यालय में पढ़ाई शुरू हो सकी। तालाबंदी कर बैठे ग्रामीणों का कहना था कि जब से नया सत्र शुरू हुआ है तब से अध्यापकों की कमी चल रही है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा जरूरत गणित व अंग्रेजी के अध्यापक की है। ये दोनों विषय बच्चों के लिए सबसे जरूरी है। इनके ही अध्यापक नहीं होने से बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि अब स्कूल में न तो पीटीआई है और न ही अंग्रेजी, गणित व सामाजिक विषय के अध्यापक है।

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गांव के सरपंच पवन कुमार ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते वे शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, विधायक ओमप्रकाश यादव तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को मांग पत्र दे चुके हैं, लेकिन उनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस कारण मजबूर होकर ग्रामीणों को स्कूल की तालाबंदी करनी पड़ी। सूचना मिलने पर पहुंचे डीईईओ मदन भटिया ने ग्रामीणों को काफी समझाया। इस दौरान ग्रामीणों व डीईईओ के बीच बहस भी हुई। डीईईओ के साथ भूषण गांव के नजदीक पटीकरा गांव के अध्यापक विकास जयदीप ने ग्रामीणों से कहा कि शिक्षकों की कमी के लिए इस तरह प्रदर्शन करना भावी पीढ़ी के लिए अच्छा संदेश नहीं है।

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डीईईओ ने शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए प्रपोजल बनवाकर भेजा। साथ ही आश्वासन दिया कि जब तक स्कूल में अध्यापक नियुक्त नहीं होंगे तब तक किसी भी स्कूल से गेस्ट टीचर को अंग्रेजी व गणित पढ़ाने के लिए भेजा जाएगा।

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पहले भी हो चुका है रोष प्रदर्शन

गौरतलब है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते जिलेभर में कई बार ग्रामीणों द्वारा तालाबंदी की जा चुकी है। पिछले महीने भी गांव हमीदपुर में शिक्षकों की कमी के चलते ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने तालाबंदी की थी। यहां भी तालाबंदी करने के बाद डीईईओ सुनीलदत ने गेस्ट टीचरों की व्यवस्था कर ग्रामीणों को शांत किया। गांव हमीदपुर व भूषणकलां दोनों में ग्रामीणों का कहना था कि शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा व जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावणिया दोनों का गृह जिला है और इसके बाद भी स्कूलों में शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ रहा है।स्कूल की तालाबंदी कर रोष व्यक्त करते ग्रामीण व विद्यार्थीLockout on lack of teachers

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