Learn About Computer Hardware and Software

आज हम आपको computer के Hardware और Software के बारे में बता रहे है। Computer को mainly दो भागों में divide किया जाता है। 1- Software,  2 – Hardware. सबसे पहले हम Software के बारे में बात करते है।

Software- Computer English या Hindi language को नही समझता है मतलब Computer को किसी भी language की समझ नहीं होती है। Computer की अपनी एक अलग language होती है जिसे हम Machine  language कहते है। Machine language में दिए गये instruction को ही Computer समझता है और उसी के according काम करता है। इस Machine language में दिए जाने वाले instruction को ही program कहते है। Software उन programs को कहते है जो Computer hardware पर चलाये जाते है जिनके द्वारा हम सभी कामों को करते है। Software के बिना Computer एक box की तरह होता है। Software के बिना Computer पर कुछ भी काम करना असंभव है। Software 2 प्रकार के होते है 1-System Software 2- Application Software.

System  Software –

System Software programs का group होता है। System Software ऐसा program है जोकि Computer को चलाने योग्य बनाता है। System Software की help से ही hardware को manage और control  किया जाता है। ताकि application Software अपना कार्य कर सके। MS-Windows एक Operating System Software का ही example है। इस समय काफी सारे Operating System प्रचलन में है जिनमे मुख्य निम्न है :- Windows XP, Windows 7, Windows 8, Windows 10, Red Hat Linux, Ubuntu etc. System Software कई प्रकार के होते है जैसे Operating System Software, Compiler, Interpreter, Assembler.

Operating System Software- Operating System Computer का एक system Software है जिसके द्वारा Computer को Boot किया जाता है यह User और Computer के Hardware के बीच Interface का काम करता है।

Function of Operating system
Process Management
Memory Management
Disk and File System
Networking
Security Management
Device Drivers

Compiler- Compiler executable file बनने के लिए source code को Machine code में translate करता हैै। ये code executable file के object code कहलाते है। प्रत्येक Programming language को Compiler की आवश्यकता होती हैं|

Interpreter– Interpreter High level language program को Machine Language में convert करने का काम करता है। Interpreter Memory कम घेरता है।

Assembler- Assembler Assembly Language और high level Language को Machine language में translate करता है Assembler mnemonic code जैसे- ADD, NOV, SUB etc को Binary code में बदलता हैै।

Application Software

Application Software– Application Software वे Software होते है जो User और Computer को जोड़ने का कार्य करते है। Application Software Computer के लिए बहुत ही जरुरी है बिना Application Software के computer पर कोई काम नहीं कर सकते। बिना Application Software के computer एक box की तरह है। Application Software के अंतर्गत कई Program आते है जो निम्नलिखित हैं| MS word  MS Excel, MS PowerPoint, MS Access, MS Outlook, MS Paint etc.

Utility Software- Utility Software वे Software होते है जो कंप्यूटर को Repair कर Computer कि कार्यक्षमता को बढ़ाते है और कार्यशील बनाने में मदद करते हैं। विभिन्न प्रकार के यूटिलिटी सॉफ्टवेयर उपलब्ध है जैसे-
Disk Defragmenter, System Profilers, Virus Scanner, Anti virus, Disk Checker, Disk Cleaner etc.

Parts of Computer Hardware

CPU (Central Processing Unit) – Central Processing Unit Computer का सबसे important part होता है। CPU से ही कंप्यूटर कि starting होती है इसलिए CPU को Computer का brain भी कहा जाता है यह एक छोटी सी chip होती है। CPU को ही micro-processor या processor कहा जाता है जो Computer के motherboard पर लगाया जाता है। Computer की speed CPU पर depend करती है।  CPU सारी processing को control करता है।

ALU ( Arithmetic Logic Unit ) – Arithmetical मतलब Mathematical process (+,-,x,/) और Logical मतलब Comparison (<,>,=,<>) को operate करता है।

CU ( Control Unit ) – यह Computer के सारे work को control करता है। Input Output device processor , etc की सारी activities के बीच तालमेल करता है।

Switch Mode Power Supply (SMPS) – Switch Mode Power Supply Computer को power देती है।  Switch Mode Power supply AC current को DC current में convert करती है। Computer के हर device को उसकी जरूरत के हिसाब से power supply करती है।

Motherboard – Motherboard Computer का important part होता है इसीसे  Computer के सारे parts connect किए जाते है। Motherboard में बहुत सारी electronic chip  लगी होती है जैसे capacitors, resistor, transistors, condenser, diode, integrated circuit . Motherboard का मुख्य भाग उसका Chipset होता है। Motherboard mainly Central processing unit (CPU), Bios, memory storage, serial port and controller for key board and disk drive control करता है। Popular Motherboard Manufactures: Intel, ASUS, Biostar, Gigabyte.

Processor – Processor एक small electronic circuit होता है जो कंप्यूटर के motherboard पर लगाया जाता है जो कि कंप्यूटर के सरे operating system functions और programs को run करता है। Processor का काम Computer में दिए गये हर Input को process करता है और Computer कि screen पर Output देता है। Processor 1 second में trillions of calculation कर सकता है और इसको cold करने लिए इसके ऊपर Fan लगाया जाता है। Processor को Computer का brain कहा जाता है इसको CPU भी कहते है।

RAM ( Random access Memory ) RAM Computer के Motherboard में fit होती है इसके अंदर कुछ भी data save नहीं होता है। RAM Computer को चलाने और speed को बढाने का काम करती है। RAM एक temporary stores device है। Computer में कम memory होने पर hang होने कि problem होती है। RAM कई प्रकार की आती है, जैसे DDR, DDR1, DDR2 तथा DDR3 आजकल के प्रचलन में DDR3 RAM है। RAM के बीच के cuts को देखकर RAM को पहचाना जा सकता है।

ROM ( Read Only Memory ) – ROM Computer कि Permanent memory होती है Computer के manufacturer के time ही programs को इसमें store किया जाता है। ROM में store किए गए programs ना तो change हो सकते है और नहीं delete किया जा सकता है केवल इसमें पड़े data को read किया जा सकता है इसलिए इसको Read Only memory कहते है। Computer बंद होते ही ROM से डाटा delete हो जाता है। ROM को non-volatile memory कहते है। ROM के विभिन्न प्रकार होती है।

  • PROM (Programmable Read Only Memory)
  • EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory)
  • EEPROM (Electrical Programmable Read Only Memory)

Hard disk – Hard disk एक secondary storage device है। यह एक  physical disk होती है  जिसमें हम Computer कि छोटी बड़ी files और data को save करते है। HDD में data permanently store हो जाता है। HDD का internal part track और sector में divide होता है। Hard Disk अंदर से घूमती है जितनी तेज़ी से Hard disk घूमेगी उतनी तेज़ी से data save होगा। ज्यादातर Hard Disk 5400 rmp या 7200 rmp की होती है। Hard Disk 2 प्रकार कि होती है  1- Internal  Hard Disk  2 -External Hard Disk.

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