जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज आज से होगा

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज गुरुवार से होगा। इसमें एक बार फिर दुनियाभर के महान लेखक, चिंतक, मानवतावादी, राजनेता, खेल और मनोरंजन जगत की मशहूर हस्तियां विभिन्न विषयों पर अपनी बेबाक राय व्यक्त करने को जयपुर में जुटेंगी। ये वक्ता अभिव्यक्ति की आजादी के साथ ही तर्कपूर्ण संवाद करेंगे। प्राचीन सभ्यता से लेकर युद्ध तक, जिसने इतिहास के प्रवाह को बदलकर रहस्य और मिथक को नया आयाम दिया, उन विषयों पर फेस्टिवल के वर्ष 2019 के संस्करण में विविध दिलचस्प सत्रों का आयोजन होगा। पांच दिवसीय फेस्टिवल के दौरान शुक्रवार को दैनिक जागरण बेस्टसेलर की सूची जारी होगी।

भारतीय लेखिका इरा मुकौटी, पौराणिक आख्यानों के प्रतिष्ठित ज्ञाता और जबरदस्त कहानीकार देवदत्त पटनायक का ‘श्याम रिटेलिंग द भागवत’ सत्र में परिचय करवाएंगी। द भागवत, महाभारत और रामायण के बाद तीसरा महाआख्यान है। कृष्ण की कहानी, जिन्हें उनके चाहने वाले श्याम पुकारते हैं, को हजारों सालों पहले कलमबद्ध किया गया था। पहले ‘हरिवंश पर्व’ के रूप में, फिर भागवतपुराण और फिर बहुत से कवि-मुनियों ने देश की अनेक भाषाओं में कृष्ण को गीतों के रूप में रचा। पटनायक, अर्थ की कई परतों में उतरकर हमारा मार्गदर्शन करेंगे और श्याम से जुड़े विविध नजरियों को हमारे सामने प्रस्तुत करेंगे। ‘फाइं¨डग राधा, ग्वालिन राधा’ पर एक दिलचस्प सत्र होगा।

प्रसिद्ध लेखक अलका पांडे, बुलबुल शर्मा, पवन के. वर्मा, देवदत्त पटनायक और यूडिट कोर्नबर्ग ग्रीनबर्ग के साथ नमिता गोखले और मालाश्री लाल सत्र में श्री राधा की धाíमक, ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों में व्याख्या करेंगे। लेखक, भूतपूर्व राजनयिक और राजनेता पवन के. वर्मा जगदगुरु आदिशंकराचार्य (788-820 सीई) की पुनर्संरचना के माध्यम से हंिदूूत्व के दर्शन की व्याख्या करेंगे । जलियांवाला बाग सत्र 13 अप्रैल, 1919 के उस दिन की घटना पर आधारित होगा, जब जनरल डायर ने अमृतसर के पार्क में आयोजित एक शांतिपूर्ण सम्मलेन पर गोली-बारी के आदेश दे दिए थे। लंदन यूनिवर्सिटी में, इतिहास की प्रोफेसर किम ए. वेगनर और प्रतिष्ठित राजनयिक और नामी लेखक नवतेज सरना, जलियांवाला बाग, 1919, द रियल स्टोरी की लेखिका किष्वर देसाई से इस पर चर्चा करेंगे। हिस्ट्री ऑफ द वल्र्ड इन सिक्सटीन शिपरेक्सस्टीवर्ट गॉडरेन की किताब युगों पुराने, जोखिम और आकर्षण से भरे समुद्री सफर की कहानी कहती है, जो वर्षों तक लोगों और सामान की आवाजाही का माध्यम बना है। जबरदस्त बयानगी के साथ यह किताब भयानक समुद्र को परिचित बनाकर, समुद्री मार्गों का विकास करने वाले संस्थानों और तकनीकों की दिलचस्प कहानी कहती है, जो आज के आधुनिक समय में बहुत मायने रखती है।

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