एकल शिक्षक स्कूलों में बेमतलब शैक्षिक कलेंडर!

बेसिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है, मगर एकल शिक्षक स्कूलों में इसके तहत कैसे काम होगा? शैक्षिक कैलेंडर में हर काम का समय व दिन तय है। बच्चों को एमडीएम, बच्चों की शिक्षा, फल वितरण, आधार कार्ड बनवाना, विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाना, योग करवाना आदि कार्य हैं। एकल शिक्षक स्कूलों के सामने समस्या है कि एक ही शिक्षक बच्चों को पढ़ाएं कि व्यवस्थाएं लागू कराएं। ये सवाल अफसरों के लिए भी चुनौती बना है। जिले में करीब 2500 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें 2.47 लाख बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से करीब 400 स्कूल ऐसे हैं जहां एक शिक्षक ही तैनात हैं।

उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग पहले व्यवस्थाएं सुधारे फिर गुणवत्तापरक शिक्षा की बात करे। पढ़ाई के अलावा इतने काम शिक्षक पर लाद दिए हैं, पढ़ाई कैसे गुणवत्तापरक होगी? वहीं बीएसए धीरेंद्र कुमार ने कहा कि एकल विद्यालयों के चिह्न्ीकरण का काम चल रहा है। इनमें शिक्षकों की तैनाती की कार्यवाही भी चल रही है। उम्मीद है कि जुलाई तक इन विद्यालयों में शिक्षक तैनात कर दिए जाएंगे।

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