कोड से होगी परिषदीय शिक्षकों की पहचान, ऐसा हो सकता है कोड

बेसिक शिक्षक परिषद के विद्यालयों में तैनात कौन सा शिक्षक, शिक्षणोत्तर कर्मचारी या शिक्षामित्र कहां तैनात है। उसका चुटकी बजाते पता चल जाएगा। किस जिले में कितने शिक्षक व शिक्षणोत्तर कर्मचारियों को वेतन मिल रहा है या उनका तबादला एक से दूसरे स्कूल में होता है तो उनकी अब पहचान बेहद आसानी से होगी। यह सब संभव हो सकेगा कंप्यूटर की माउस की एक क्लिक से।

शासन के निर्देश पर परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्वीकृत पद और इन पदों के सापेक्ष तैनात हर शिक्षक, शिक्षणोत्तर कर्मचारी और शिक्षामित्र को अलग-अलग कोड आवंटित होना है। उसे वेबसाइट पर प्रदर्शित भी किया जाएगा। यह व्यवस्था बेहतर शैक्षिक व वित्तीय नियोजन तथा तबादलों में पारदर्शिता लाने के लिए हो रही है।

यही नहीं कुछ बरस पहले बेसिक शिक्षा सचिव आशीष गोयल ने इस दिशा में कदम बढ़ाया था, लेकिन प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है। मानव संसाधन प्रबंध प्रणाली के तहत शिक्षकों को कोड देने की व्यवस्था पहली बार शुरू हो रही है। प्रदेश भर के जिलों में कार्मिक विवरण की फीडिंग शुरू हो चुकी है, परिषद सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट मांग रहा है।

शिक्षकों को मिलने वाले कोड में उससे जुड़ी सभी जानकारियां रहेंगी। बुधवार को बेसिक शिक्षा परिषद में सचिव ने विभिन्न जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ बैठक करके कार्य की समीक्षा की। इसमें इंप्लाइ कोड तैयार करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कोड को तैयार करने के लिए आवश्यक टीचर्स के संबंध में सभी जानकारियों को परिषद कार्यालय में उपलब्ध कराने के लिए सभी जिलों के बीएसए को निर्देश दिए गए। जिससे इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए इंप्लाइ कोड जल्द एलाट किया जा सके।

एनआइसी तैयार करेगा कोड : परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में तैनात शिक्षकों का इंप्लाई कोड तैयार कराने के लिए एनआइसी को जिम्मेदारी दी गई है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने बताया कि सभी जिलों की डिटेल प्राप्त होने के बाद योजना बनेगी।

ऐसा हो सकता है कोड इसके तहत विद्यालय कोड 11 अंकों का हो सकता है। पहले दो अंक (01 से 75 तक) जिले के लिए होंगे। तीसरा अंक नगर क्षेत्र (1), अन्य नगर क्षेत्र (2) व ग्रामीण क्षेत्र (3) के लिए होगा। चौथा व पांचवां अंक ब्लाक/नगर क्षेत्र के लिए (01 से 23 तक या उनकी संख्या के अनुसार) होगा। छठां व सातवां अंक ग्राम पंचायत/वार्ड के लिए (01 से 20 तक या उनकी संख्यानुसार) होगा।

आठवां व नौवां अंक स्कूल के प्रकार के लिए (01 से 11 तक) होगा। अंतिम दो अंक (01 से 10 तक या स्कूलों की संख्या के अनुसार) ग्राम पंचायत/वार्ड के अंदर स्कूलों की संख्या तय करने के लिए होंगे। पद का कोड 13 अंकों का होगा। पहले 11 अंक स्कूल के कोड के समान होंगे। आखिरी दो अंक पद से संबंधित होंगे, जिसमें 01 से 10 तक की संख्या प्रधानाध्यापक के लिए, 11 से 80 की संख्या अध्यापकों के लिए, 81 से 90 की संख्या चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के लिए तथा 91 से 99 की संख्या शिक्षामित्र के लिए निर्धारित होगी।

 

 

 

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