कैसे स्वच्छ होंगे परिषदीय स्कूल

ग्रेटर नोएडा : आगामी दो सप्ताह के अंदर जिले की परिषदीय स्कूलों की रंगाई पुताई समेत अन्य साफ-सफाई कराने का शासन ने निर्देश दिया है। शासनादेश के जरिये शिक्षा विभाग को इस संदर्भ में अवगत करा दिया गया है। आदेश के मुताबिक स्कूलों की रंगाई पुताई के अलावा प्रतिदिन शौचालय समेत पूरे परिसर व कक्षाओं की सफाई कराई जाए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तमाम शिक्षकों का कहना है कि परिषदीय स्कूलों में काफी समय से सफाईकर्मी नहीं हैं। ऐसे में निर्धारित तिथि के अंदर स्वच्छता अभियान को कैसे मूर्त रूप दिया जाएगा। प्राधिकरण द्वारा ग्राम पंचायतों का अधिग्रहण किए जाने के बाद से ही स्कूलों से सफाईकर्मी हटा लिए गए।

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जिनकी नियुक्ति को लेकर शिक्षक कई बार प्राधिकरण व प्रशासन के साथ ही शिक्षा विभाग के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई भी नतीजा नहीं निकला है। इसके अलावा शिक्षकों ने बजट की कमी को भी स्कूलों में बेहतर तरीके से रंगाई-पुताई व साफ-सफाई न होने की बड़ी वजह बताया है। रंगाई-पुताई के लिए शासन द्वारा स्कूलों को साल भर में मात्र सात हजार रुपये दिए जाते हैं। इतनी कम धनराशि में स्कूल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना संभव ही नहीं है। पूर्व में शिक्षक इस धनराशि को बढ़ाने के लिए कई बार शासन को पत्र लिखकर मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई भी नतीजा नहीं निकल पाया है।

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दो सप्ताह के अंदर स्कूलों की रंगाई-पुताई का निर्देश मिला है। स्कूलों में सफाईकर्मी हैं नहीं। कई बार प्राधिकरण व जिलाधिकरी को पत्र लिख कर मांग की जा चुकी है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।1मेघराज भाटी, जिला अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ

शासन द्वारा दिया जाने वाला बजट अपर्याप्त है। इसको बढ़वाने के लिए पूर्व में भी प्रयास किए गए हैं। फिर से पत्र लिखकर धनराशि को बढ़ाने की मांग की जाएगी। प्रवीण शर्मा, दनकौर ब्लॉक अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ

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How to become clean parishadiya school

 

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