History and Generation of Computer

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आज हम आप को computer education category में computer की history के बारे में बता रहे है। Computer आज हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। Computer आधुनिक technology की महान खोज है। Computer ने कुछ समय में पूरी दुनिया के सोचने और समझने, कार्य करने यहाँ तक रहन सहन का तरीका भी बदल के रक् दिया है। Computer की वजह से हम तेजी से develop हो रहे है।

Computer शुरुआति समय में ऐसा नहीं था। शुरू में computer बहुत बड़े, भरी और महंगे होते थे। समय समय पर computer की technology में बहुत बदलाव हुए इन सब बदलाव से computer का आकर प्रकार, कार्य-प्रणाली और कार्यक्षमता में सुधर होते गए तब जा कर आज के समय के computer का जन्म हुआ।

History of computer – Computer word का use सर्व-प्रथम 1613 में Richard Braithwaite की book The Young Man’s Gleanings किया गया था। बहुत विद्वानों का मत है कि computer का invention 600 ईसा पूर्व हो गया था  मगर digital computer का invention 19 century में mathematics के professor Charles Babes ने किया था।

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Computer की generation को 5 category में divide किया है। हर generation में एक निश्चित समय तक चली। Computer की हर generation में सुधर होते गए और new technologhy आती गई जिस से computer को तेज़, छोटा, सस्ता, अधिक शक्तशाली, और अधिक कुशल machine बनती जा रही है।

First Generation of Computer (From 1946 to 1959)- First generation के computer में vacuum tube का प्रयोग करके बनाया गया था। इनका आकर बड़ा होने के करना electricity की खपत भी ज्यादा होती थी। और इन vacuum tube में बहुत गर्मी पैदा होती थी जिस से fusing की problem रहती थी। First generation के computer में operating system नहीं होता था। इन में चलने वाले programs को एक panch card में store करके रखा जाता था। इस generation के computer में data store करने का limited space होता था। इस generation के computer program language की जगह machine code का use किया जाता था। First generation के computer reliable नहीं थे। और इनको use करने में मुश्किल आती थी । First generation में कुछ अन्य computer बनाये गए थे जैसे- ENIAC, EDVAC, UNIVAC, IBM-701, IBM-650.

Second  Generation of Computer (From 1959 to 1965)- Second Generation के computer में transistors का use होने से computer के प्राइस और electricity की खपत में कमी आयी और size भी छोटे होने लगे, और उनकी गड़ना करने की छमता अधिक reliable हो गई। Second Generation के computer में ferrite cores का use primary memory के रूप में use किया गया और magnetic tape and magnetic disks को secondary memory के रूप में use किया गया। Second generation के computer में assembly language and high-level programming languages के रूप में FORTRAN, COBOL का use होने लगा और input and output device का भी use होने लगा । Second Generation के computers batch processing and multiprogramming operating system use करने लगे।

Third Generation of Computer (From 1965 to 1971)- Third generation के computer में transistors की जगह integrated circuits (IC’s) का use होने लगा जिसके कारण computer का size बहुत छोटा हो गया और सस्ते भी हो गयें।  Integrated circuits (IC’s) से  computer speed को micro-second से nanosecond में बदल दिया। Integrated circuits (IC’s) का  invention Jack Kilby ने किया था। Third generation के computer में remote processing, time-sharing, multi-programming operating system का use होने लगा और high-level languages (FORTRAN-II TO IV, COBOL, PASCAL PL/1, BASIC, ALGOL-68 etc.) का use होने लगा. Third generation में कुछ other computer बनाये गए थे जैसे –  IBM-360 series, Honeywell-6000 series,  PDP(Personal Data Processor), IBM-370/168, TDC-316

Fourth Generation of Computer (From 1971 to 1980)- Fourth generation के computer में Very Large Scale Integrated (VLSI) circuits का use होने लगा। Very Large Scale Integrated (VLSI) circuits में लगभग 5000 transistors और उस से related और  भी circuits के use होते है इस कारण fourth generation के computer का invention हुआ। Fourth generation के computer के साइज बहुत छोटे, reliable और सस्ते हो गयें। इस generation के computer को personal computer (PC) के नाम से पुकारा गया। इस generation के computer में time sharing, real time, networks, distributed operating system का use होने लगा और high-level languages जैसे C, C++, DBASE etc का use होने लगा aur other software का भी use होने लगा। Fourth generation में कुछ other computer बनाये गये थे जैसे DEC 10, STAR 1000, PDP 11, CRAY-1(Super Computer), CRAY-X-MP (Super Computer)

Fifth Generation of Computer (From 1980 to Till Date)- Fifth generation के computer में Very Large Scale Integrated (VLSI) circuits की जगह ULSI (Ultra Large Scale Integration)  और optical disk का use होने लगा. जिससे computer की stores limit बढ़ गई।  64 bit  microprocessors का invention इसी generation में हुआ था। जिस से portable PC, Desktop  Tablet etc ने इस field में क्रांति ला दी । इसी generation में email,www और window  ऑपरेटिंग सिस्टम का  invention हुआ। Fifth generation parallel processing hardware and AI (Artificial Intelligence) software पर आधारित है। और high-level languages like C and C++, Java, .Net etc. का इस generation में use हुआ है।

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